“पार्वती आज तो तू सुबह से ही भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की लंबी उम्र की दुआ कर रही है |” तो वह तुरंत बोली, “अरे, बीबी जी तुमसे क्या छुपाना ! तुम्हें क्या लगता है, जो पति रोज रात को शराब पीकर मुझे पीटता है उसकी लंबी उम्र की कामना करुँगी ? जिसमें मैं भूखी प्यासी व्रत रह  रहकर मर जाऊं और उसकी उम्र लंबी होती जाए। वह दूसरा ब्याह कर लाए जिससे फिर उसे भी पीटता रहे। और तुम क्या समझती हो कि वह आज मुझे बिना पीटे मान जाएगा …?” ‘अनीता चौधरी’ की लघुकथा 

मैं क्यों पीछे रहूं… 

मैं पीछे क्यों रहूँ

अनीता चौधरी

स्कूल की छुट्टी थी, सो देर तक सोती रही । मैं जागी तब तक सूरज अपना बिस्तर छोड़कर आसमान का काफी सफर तय कर चुका था। पड़ोस से पार्वती की चीख सुनाई दे रही थी। “आज खुद कर लो, मुझसे नहीं होता, दोपहर हो चली है अभी तक काम नहीं सिमट रहा। तुम सुबह जल्दी नहा-धो नहीं सकते थे।अब मुझसे नहीं हो पा रहा” कहती हुई पार्वती एक तरफ बैठ गई । पति बोला, ‘क्या हो गया ?’ पार्वती फिर झल्लाई ‘शाम तक तीन बार खाओगे, मैं भूखी-प्यासी रहूंगी, आज कुछ काम खुद नहीं हो रहे तुमसे ।’
मैं सोची, रोज रात को लड़ते थे। आज शायद उसने सुबह सुबह पी रखी है और पार्वती पर खाने-पीने की भी पाबंदी लगा दी है। कैसा आदमी है? मैं सोचती हुई छत पर आ गई । पार्वती का छोटा बेटा पूछ रहा था। “मम्मी आप खाना क्यों नहीं खाओगी, और पानी भी नहीं पियोगी ।” अब पार्वती मुस्कराई और बोली, “आज करवा चौथ है बेटा ।’ यह क्या होता है ? बेटे की उत्सुकता और बढ़ गई। पार्वती बेटे को समझाने लगी, बेटा, करवाचौथ के व्रत में पत्नी सुबह से रात के आठ बजे तक भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की लंबी उम्र तथा सात जन्मों तक उस पति के साथ की कामना करती है। इसी लिए बेटा मैं तेरे पापा की लंबी उम्र के लिए यह व्रत कर रही हूँ।” मुझे यह सुनकर बड़ी हैरानी हुई कि पार्वती उसी आदमी की लंबी उम्र की कामना कर रही है। जो रोज शाम को शराब पीकर उसकी पिटाई करता है। वहीँ पार्वती जो रोज रात को अपने पति को उल्टी-सीधी गालियों की बौछार करती थी । आज वह उसकी लंबी उम्र की दुआ कैसे कर सकती है…? मुझे उसकी नासमझी पर तरस आ रहा था । मेरा मन कुछ कसैला हो चला था। मन में एक अजीब सी उथल-पुथल हो रही थी। मन कुछ हल्का हो जाए यही सोचकर बाजार की तरफ निकल पड़ी ।

साभार google से

साभार google से

देखा कि चारों ओर रंग बिरंगी तितलियों के झुंड दिखाई दे रहे थे। बाजार की हर दुकान पर उन्हीं के दमकते हुए चेहरे दिखाई दे रहे थे। चेहरे ऐसे कि जो देखे देखता ही रहे। हालांकि वे तितलियों की तरह चंचलता में थी परंतु भूख की स्पष्ट लकीरें उनके चेहरे पर झलक रहीं थीं । मैं एक दुकान के पास रुक गई और खड़ी होकर देखने लगी । कैसे धड़ल्ले से आज अपने पति के पूरे महीने की कमाई को अपने ऊपर खर्च करने पर आमादा थी। अब मुझे समझते हुए जरा भी देर न लगी कि क्यों पार्वती आज अपने पति की लंबी उम्र की कामना कर रही है ? आज पार्वती बड़ी खुश थी कि चलो कम से कम वर्ष में एक दिन तो ऐसा मिला जब वह अपने पति को उल्लू बनाकर मन की सारी चीजें खरीद सकती है। रही बात लंबी उम्र की कामना की तथा भूखी प्यासी रहने की तो यह किसको पता है कि वह लंबी उम्र की कामना कर भी रही है या नहीं । मुझसे रहा नहीं गया और मैं पार्वती के घर पहुँच गई और बोली, “पार्वती आज तो तू सुबह से ही भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की लंबी उम्र की दुआ कर रही है |” तो वह तुरंत बोली, “अरे, बीबी जी तुमसे क्या छुपाना ! तुम्हें क्या लगता है, जो पति रोज रात को शराब पीकर मुझे पीटता है उसकी लंबी उम्र की कामना करुँगी ? जिसमें मैं भूखी प्यासी व्रत रह रहकर मर जाऊं और उसकी उम्र लंबी होती जाए। वह दूसरा ब्याह कर लाए जिससे फिर उसे भी पीटता रहे। और तुम क्या समझती हो कि वह आज मुझे बिना पीटे मान जाएगा …?”
तो मैंने बड़ी हैरानी से पूछा “फिर आज ये…..?”
पार्वती बोली “अरे बीबीजी ! तुम तो जानती हो कि गली-मोहल्ले की सारी औरतें कैसे नाक मुहँ सिकोड़ती हैं, तो मैंने भी सोचा कि ये कौन-सा देखने बैठी हैं कि मैं भूखी और प्यासी हूँ…. और इस बहाने कम अज कम वर्ष में एक मनपसंद साड़ी खरीदने का मौका तो मिलता ही है और बीबीजी तुम्हें क्या लगता है, कि ये ढोंग मैंने ही किया है। तुमने देखा नहीं वो पंडिताइन, मास्टरनी, ठकुराईन सब की सब कैसी पतिव्रता बनकर अपने पतियों को खुश कर रही हैं। तो मैं क्यों पीछे रहूं…|”

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