“प्रेमचंद से बातें”: रिपोर्ट (अनीता चौधरी)

“प्रेमचंद से बातें”: रिपोर्ट (अनीता चौधरी)

संकेत रंग टोली और कोवलेन्ट ग्रुप ने प्रेमचंद को उनके 135 वें जन्मदिवस पर लगभग ३ घंटे के कार्यक्रम में रचनात्मक तरीके से याद किया …..|  अनीता चौधरी “प्रेमचंद से बातें”   मुंशी प्रेमचंद के 1... Read More...
एक अश्लील कहानी: कहानी (प्रमोद बेड़िया)

एक अश्लील कहानी: लघुकथा (प्रमोद बेड़िया)

इस अत्यंत ज्वलनशील विषय पर इतनी रोचक और साफसुथरी कलात्मक लेकिन गंभीर चिंतन को विवस करती कहानी …..          प्रमोद बेरिया एक अश्लील कहानी उसे याद है ,हुबहू ,वैसे का वैसा – सब के सब जमा थे ,एक ज... Read More...
घर: कहानी (डा0 नमिता सिंह)

घर: कहानी (डा0 नमिता सिंह)

इंसानी जीवन में घर की महत्ता को पुरुष सत्ता ने शायद सबसे पहले भांप लिया था…… क्या इसी लिए समाज में स्त्री का कोई घर नहीं होता ताकि इसी असुरक्षा बोध में वह शोषित होने को विवश होती रहे …..| तब निश्चित ही आर... Read More...
…और फिर परिवार : कहानी (मज़कूर आलम)

बस, यहीं तक…: कहानी (मज़कूर आलम)

निरंतर परिवर्तित होते समय और समाज के बीच बड़ी वर्गीय अवधारणायें जिनके तमाम मिथ और यथार्थ भी समय समय पर समाज के बीच स्पष्ट होते रहे हैं, बावजूद इसके क्या कारण हैं एक वर्ग विशेष के प्रति गढ़ित अवधारणाओं का कि... Read More...
सूरज प्रकाश

किस्‍से किताबों के: “पहली क़िस्त” (सूरज प्रकाश)

“किस्से किताबों के” की पहली क़िस्त में ‘सूरज प्रकाश जी’  के कुछ नोट्स (भूमिका) के साथ आज प्रस्तुत हैं दो किस्से ….. (हिंदी के वरिष्ठ कथाकार ‘सूरज प्रकाश’ की साहित्यिक अनुभव की कलम से निकले ‘किस्से किताबों... Read More...
सूरज प्रकाश

किस्‍से किताबों के: दूसरी क़िस्त (सूरज प्रकाश)

हमरंग पर सूरज प्रकाश द्वारा लिखित विशेष व्यन्ग्यालेख ‘किस्से किताबों के’ की दूसरी क़िस्त – किस्‍से किताबों के – किस्‍सा तीन इस बार का किस्‍सा मेरे बेटे अभिजित की जुबानी  अच्‍छी किताब ने पिटाई से बचा... Read More...
बुझव्वल: कहानी (अमृता ठाकुर)

बुझव्वल: कहानी (अमृता ठाकुर)

सामाजिक ताने-बाने और उसके बितान में उलझी स्त्री, अबूझ मान्यताओं और परम्पराओं के नाम पर मानवीय शोषण के कितने ही आयामों से गुजरती है, उस गाँठ को खोलना, सुलझाना और एक सिरा पकड़कर सही और मुकम्मल दिशा दे पाना भ... Read More...
सूरज प्रकाश

किस्‍से “सूरज प्रकाश” के…

हमरंग पर सूरज प्रकाश द्वारा लिखित विशेष व्यन्ग्यालेख ‘किस्से किताबों के’ की तीसरी क़िस्त – किस्‍से किताबों के – किस्‍सा पाँच सूरज प्रकाश बिना किताबों वाला घर- ये किस्‍सा एक प्रसिद्ध बांग्‍ला उप... Read More...
सूरज प्रकाश

एक कमज़ोर लड़की की कहानी: कहानी (सूरज प्रकाश)

सूरज प्रकाश एक कमज़ोर लड़की की कहानी वे मेरी पहली फेसबुक मित्र थीं जो मुझसे रू ब रू मिल रही थीं। फेसबुक पर मेरी फ्रेंड लिस्‍ट पर बेशक काफी अरसे से थीं लेकिन उनसे चैटिंग कभी नहीं हुई थी। कभी उन... Read More...
‘मंटो का टाइपराइटर’ रोचक प्रसंग

‘मंटो का टाइपराइटर’ रोचक प्रसंग

कृशन चंदर जब  दिल्‍ली रेडियो में थे, तभी पहले मंटो और फिर अश्‍क भी रेडियो में आ गये थे। तीनों में गाढ़ी छनती थी। चुहलबाजी और छेड़छाड़ उनकी ज़िंदगी का ज़रूरी हिस्‍सा थे। रूठना मनाना चलता रहता था। कृशन चन्द... Read More...