पाँवों में पहिये: लघुकथा (रूपाली सिन्हा)

पाँवों में पहिये: लघुकथा (रूपाली सिन्हा)

जीवन में बहुत कुछ है जो शाश्वत है सत्य है ….. बावजूद इसके ऐसा बहुत है जिसे शाश्वत या सत्य बताने और  दिखाने के लिए मुलम्मा चढ़ाया जाता रहा है और आज भी जारी है ……….|  ‘रूपाली सिन्हा’ की लघुकथा पाँवों में पहिये  ... Read More...
साहित्यिक वैचारिकी को आगे बढ़ाने का सगल, ‘हमरंग’

साहित्यिक वैचारिकी को आगे बढ़ाने का सगल, ‘हमरंग’

हमरंग का एक वर्ष पूरा होने पर देश भर के कई लेखकों से ‘हमरंग’ का साहित्यिक, वैचारिक मूल्यांकन करती टिपण्णी (लेख) हमें प्राप्त हुए हैं जो बिना किसी काट-छांट के, हर चौथे या पांचवें दिन प्रकाशित होंगे | हमा... Read More...
शेर की गुफा में न्याय: एवं अन्य लघुकथाएं (शरद जोशी)

शेर की गुफा में न्याय: एवं अन्य लघुकथाएं (शरद जोशी)

हिन्दी के सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार शरद जोशी का जन्म 21 मई 1931 को उज्जैन, मध्यप्रदेश में हुआ था। शरद जोशी ने मध्य प्रदेश सरकार के सूचना एवं प्रकाशन विभाग में काम किया लेकिन अपने लेखन के कारण इन्होंने सरकारी ... Read More...
रोज़ा…: कहानी (हनीफ मदार)

रोज़ा…: कहानी (हनीफ मदार)

समाज में फ़ैली धार्मिक कट्टरता व् आडम्बरों पर तीखा प्रहार करती और ठहर कर पुनः सोचने को विवश करती, “हनीफ मदार” की   छोटी एवं बेहद मार्मिक कहानी ……| – अनीता चौधरी  हनीफ मदार रोज़ा… पाक रमजान म... Read More...
लौट आओ वसीम !: कहानी (अमृता ठाकुर)

लौट आओ वसीम !: कहानी (अमृता ठाकुर)

प्रेम, स्पंदन के साथ बाल मनो-भावों का शिद्दत से विश्लेष्ण करती ‘अमृता ठाकुर’ की बेहद संवेदनशील कहानी ….| – संपादकीय  लौट आओ वसीम ! अमृता ठाकुर जन्म – बिहार विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प... Read More...
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मर्द नहीं रोते: कहानी (सूरज प्रकाश)

मर्द नहीं रोते सूरज प्रकाश जन्म : 14 मार्च 1952, देहरादून (उत्तरांचल) भाषा : हिंदी, गुजराती, विधाएँ : उपन्यास, कहानी, व्यंग्य, अनुवाद कहानी संग्रह : अधूरी तस्वीर, छूटे हुए घर, साचा सर नामे (गुजराती... Read More...
एक छोटा-सा मजाक: कहानी (अंतोन चेख़व)

एक छोटा-सा मजाक: कहानी (अंतोन चेख़व)

मानव ह्रदय सी गतिमान, इंसानी संवेदना की इतनी सूक्ष्म नक्कासी ‘अंतोन चेख़व’ की कहानियों की वह ताकत है कि कथा पाठक से जुड़ती नहीं बल्कि ह्रदय की अनंत गहराइयों में उतरती जाती है …… ऐसी ही एक कहानी …| – संपादक ... Read More...
चौथी का जोड़ा: कहानी (इस्मत चुग़ताई)

चौथी का जोड़ा: कहानी (इस्मत चुग़ताई)

२१ जुलाई 1915 को जन्मी साहित्यकार “इस्मत चुग़ताई” के चल रहे जन्मशती वर्ष में ‘हमरंग’ पर आज  इस्मत आपा को याद कर लेते हैं उनकी बहु चर्चित कहानियों में से एक कहानी पढ़कर …….| चौथी का जोड़ा  इस्मत चुगताई... Read More...

जिन दिनों…: कहानी (संजीव चंदन)

दुनिया की प्रगतिशील चेतना के अग्रणी संवाहक वर्ग को केंद्र में रखकर बुनी गई ‘संजीव चंदन’ की यह कहानी आधुनिक समय और समाज का एक नया विमर्श रचती है | प्रस्तुति का अनूठापन कहानी विस्तार पर भारी है जो  इस कहानी... Read More...
बुझव्वल: कहानी (अमृता ठाकुर)

अपने-अपने सच: कहानी (अमृता ठाकुर)

भावनात्मक संवेदनाओं से खेलना, गिरबी रखना या किसी भी कीमत पर खरीदना किसी वस्तु या खिलौने की तरह और तब तक खेलना जब तक खुद का जी चाहे फिर चाहे किसी लेस्बियन स्त्री की दमित इच्छाएं हों या किसी कामुक पुरुष की ... Read More...