अमीन मियां सनक गये हैं: कहानी (सुभाष चन्द्र कुशवाह)

अमीन मियां सनक गये हैं: कहानी (सुभाष चन्द्र कुशवाह)

सामाजिक बदलाव के समय में साहित्य से गाँव और ग्रामीण जीवन की कहानियाँ जैसे गायब होती जा रहीं हैं, उसकी जगह बाजारी अतिक्रमण से प्रभावित नगरीय जनजीवन और उसके बीच पनपते नये मध्यवर्ग की आर्थिक विषमताओं एवं व्य... Read More...
जश्न-ए-आज़ादी : कहानी (हनीफ मदार)

जश्न-ए-आज़ादी : कहानी (हनीफ मदार)

‘हनीफ मदार’ की छोटी किन्तु बेहद मार्मिक और संवेदनशील कहानी ‘जश्न-ए-आज़ादी’ हाल ही में आउटलुक हिंदी के जनवरी २०१६ के अंक में प्रकाशित हुई जिसे देश भर के पाठकों की बेहद सराहना मिली | इस कहानी पर पाठकों के अन... Read More...
चरित्रहीन : कहानी (हनीफ मदार )

अनुप्राणित : कहानी (हनीफ मदार)

प्रेम एक खूबसूरत इंसानीय व मानवीय जीवन्तता का एहसास है  जो किसी भी जाति, धर्म, सम्प्रदाय से बढ़कर होता है जिस पर किसी भी तरह की बंदिशे नहीं लगाई जा सकती क्योंकि  बिना प्रेम के मानव जीवन संभव नहीं होता | प्... Read More...

परवाज़: कहानी (अनीता चौधरी)

कहानी में सौन्दर्य या कलात्मक प्रतिबिम्बों की ही खोज को बेहतर कहानी का मानक मान कर किसी कहानी की प्रासंगिकता तय करना भी वक्ती तौर पर साहित्य में परम्परावादी होने जैसा ही है | तीब्र से तीब्रतम होते संचार औ... Read More...

जाति बघारने: लघुकथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

जाति बघारने  सुशील कुमार भारद्वाज जन्म – 1 मार्च १९८६ , गाँव देवधा , जिला – समस्तीपुर विभिन्न कहानियाँ तथा लेख पटना से प्रकाशित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित सम्प्रति – मुस्लिम हाईस्कूल , बिहटा , प... Read More...
गाब्रिएल गार्सिया मार्केज

ऐसे ही किसी दिन: कहानी (गाब्रिएल गार्सिया मार्केज)

साहित्यिक संग्रह से ‘गाब्रिएल गार्सिया मार्केज’ की कहानी ……..  का अनुवाद – ‘मनोज पटेल’ की कलम से … ऐसे ही किसी दिन  अनुवाद – ‘मनोज पटेल’ गाब्रिएल गार्सिया मार्केज जन्म : 6 मार्च 1927, कोलंबिया भा... Read More...

क़बरखुद्दा : कहानी (डॉ. मोहसिन ख़ान ‘तनहा’)

शहर मे अभी भी रियसती शहर होने के अवशेष मौजूद हैं, शहरपनाह की मोटी-मोटी दीवारें, कई दरवाज़े, अस्तबल, मक़बरे, छोटी हवेलियाँ, छोटी गढ़ियाँ, इमारतें, मोहल्लों के नाम इत्यादि से अब भी पता चलता है कि यह एक रियासत ... Read More...

शोकपर्व: कहानी (अनवर सुहैल)

आशा -निराशा, कुंठा-अवसाद के बीच जीते-जी अपना शोकपर्व मनाती युवा पीढी के मानसिक एवं आंतरिक अंतर्द्वंद का बेहद रोचक और पठनीय शैली में विश्लेष्ण करती ‘अनवर सुहैल’ की कहानी, जो सहज अंदाज़ में कथित आशाओं से भरे वर्तम... Read More...
साल्व ऑफ़ लव: कहानी (अनीता चौधरी)

साल्व ऑफ़ लव: कहानी (अनीता चौधरी)

बचपन से लेकर जीवनपरियन्त कितनी ही छोटी बड़ी घटनाएँ होती गुज़रती जाती हैं इन्हीं घटनाओं में से जीवंत मानवीय संवेदनाएं खोज निकालना ही लेखकीय जूनून या रचनात्मकता है | ऐसे ही लेखकीय दृष्टिकोण की परिचायक है ‘अनीता... Read More...
इंतज़ार: कहानी (सुशील कुमार भारद्वाज)

मुस्कुराहट बिखेरने से मिलती है वास्तविक खुशी: आलेख (सुशील कुमार भारद्वाज)

एक इंसान की खुशी दूसरे की भी खुशी हो, कोई जरूरी तो नहीं. जैसे इस दुनियां में सुंदरता और संतुष्टि का कोई निश्चित पैमाना नहीं है ठीक उसी प्रकार खुशी का कोई निश्चित स्वरूप या पारामीटर नहीं है. खुशी हमें हर उ... Read More...