अदृश्य दुभाषिया: एवं अन्य कविताएँ (अभिज्ञात)

अचेतन मानव तंतुओं को चेतन में लाने का प्रयास करतीं 'अभिज्ञात' की कवितायें ...... अदृश्य दुभाषिया  अभिज्ञात चिट्ठियां आती हैं आती रहती हैं कागजी बमों की तरह हताहत करने समूची संभावना के साथ कौन सा शब्... Read More...

हवाले गणितज्ञों के: एवं अन्य कविताएँ (अभिज्ञात)

अभिज्ञात, मानवीय रिश्तों के सूक्ष्म धागे के साथ सामाजिक,  आर्थिक  विषमताओं की समर्थ सार्थक पड़ताल कर रहे हैं अपनी इन दो कविताओं में , हालांकि आपकी कवितायें अन्य कई रंगों और सरोकारों के साथ गुजरती हैं | हमरंग पर ... Read More...