शेक्सपीयर मन के रचनाकार हैं: एक रिपोर्ट, (राजन कुमार सिंह)

शेक्सपियर ऐसे नाटककार थे जिन्हें आलोचकों ने भी माना कि वो वाकई में महान थे। अदृश्य को जानने की शक्ति कलाकार को महान बनाती है। वे अपने नाटकों के चरित्र खुद जीते थे। प्रकृति के प्रांगण में उन्होंने सीखा, उनके पास... Read More...

हिम्मत न हारना, मेरे बच्चो!: कहानी (मैक्सिम गोर्की)

पुरानी हड्डियों को ऐसे सीधा करने के बाद वह दरवाज़े के निकट एक पत्थर पर बैठा जाता है, जाकेट की जेब से एक पोस्टकार्ड निकालता है, पोस्टकार्ड थामे हुए हाथ को आँखों से दूर हटाता है, आँखें सिकोड़ लेता है और कुछ कहे बिन... Read More...

‘मृगतृष्णा’ की कवितायें……

मृगतृष्णा की कविताएँ पढ़ते हुए महज़ पढ़ी नहीं जाती बल्कि मानवीय आन्तरिकता से होकर निकलती महसूस होती हैं ...... पत्नी   google से साभार आजकल उजाला होने से ठीक पहले पत्नी की आँखें देखने लगती हैं पके सावन... Read More...

‘सूफी सुरेन्द्र चतुर्वेदी’ की गज़लें……

'सूफी सुरेन्द्र चतुर्वेदी' की ग़ज़लें वर्तमान राजनैतिक, सामाजिक हालातों का साहित्यिक आईना हैं इनसे गुज़रते हुए शब्दों के बीच से ताज़ा बिम्बों का जीवंत हो उठना इन गजलों की सार्थकता है |  'सूफी सुरेन्द्र चतुर्वेदी... Read More...

”रवीन्द्र के. दास का एकल कविता-पाठ”

''रवीन्द्र के. दास का एकल कविता-पाठ'' साभार गूगल 'स्त्रीवादी भजन'' पाँच मर्दों ने मिलकर स्त्रीवादी भजन गाए दर्शकों में बैठी स्त्रियाँ मुस्कुराईं इस तरह हुआ स्त्रीवादी कविता का प्रदर्शन कुछ मर्द होत... Read More...

धर्म: कहानी (सुशील कुमार भारद्वाज)

छोटी छोटी सामाजिक विषमताओं को रचनात्मकता के साथ लघुकथा के रूप में प्रस्तुत करने का कौशल है सुशील कुमार भारद्वाज की कलम में | धार्मिक संकीर्णताओं के ताने बाने में उलझे समाज के बीच से 'इंसानी धर्म' की डोर को तलाश... Read More...

आत्महत्या: कविता (नित्यानंद गायेन)

(कभी-कभी अचानक कोई कविता मन-मस्तिष्क में यूं पेवस्त होती है कि बहुत देर तक थरथराता रहता है तन-मन...नित्यानद गायेन ने आत्महत्या जैसे विषय पर भावपूर्ण कविता लिखी है...संपादक) आत्महत्या आत्महत्या पर लिखी गयी ... Read More...

कैसा है इंतिज़ार हुसैन का भारत: साक्षात्कार (मिर्ज़ा ए. बी. बेग)

७ दिसंबर १९२३ को डिवाई बुलंदशहर, भारत में जन्मे इंतज़ार हुसैन पाकिस्तान के अग्रणी कथाकारों में से थे | वे भारत पाकिस्तान के सम्मिलित उर्दू कथा साहित्य में मंटो, कृश्नचंदर और बेदी की पीढ़ी के बाद वाली पीढ़ी के प... Read More...

विज्ञान और कला का समागम, विज्ञान प्रदर्शनी: रिपोर्ट (अनिता)

"अब मैं उस बच्चे के प्रोजेक्ट के पास खडी थी जिसका नाम था “जीवन में गणित की भूमिका” (role of  mathemathics in life ) मेरे बिना पूछे ही इन छात्रों ने अपना परिचय आठवी कक्षा के आकाश और अंजली के रूप में दिया | ये दो... Read More...

भगत सिंह से एक मुलाकात: आलेख (स्व० डा० कुंवरपाल सिंह)

कितने शर्म की बात है, देश के 30 करोड़ लोग आधे पेट सोते हैं। कैसी विडंबना है-दुनिया के 20 अमीर लोगों में तीन हिन्दुस्तानी हैं और दूसरी ओर योरोप के कई देशों की कुल आबादी से अधिक लेाग देश में ग़रीबी की रेखा से नीच... Read More...