राहुल गुप्ता की दो ग़ज़लें

राहुल गुप्ता की दो ग़ज़लें

राहुल गुप्ता 1 – ग़ज़ल  कब सुबह होगी, कब निजाम बदलेगा ? इंतहा बदलेगी या अवाम बदलेगा ? भूख, मुफलिसी, ज़ुल्म और बेरोज़गारी, बता ! कैसे ये चहरे तमाम बदलेगा ? सुना है तेरे यार तेरी तरह ही नंगे है... Read More...
लकी सिंह ‘बल’ की लघुकथाएं

लकी सिंह ‘बल’ की लघुकथाएं

लकी सिंह ‘बल’ की छोटी कहानियां बड़ी बात कहती हैं जो उन्हें लघुकथा के उभरते हस्ताक्षर के रूप में एक संभावनाशील लेखक होने का परिचय देतीं हैं | इनकी कलम और धारदार रूप में चलत... Read More...
‘किताबों के प्रति दीवानगी’ पटना पुस्तक मेला 2015: (रविशंकर)

‘किताबों के प्रति दीवानगी’ पटना पुस्तक मेला 2015: (रविशंकर)

एक ऐसे समय में जब चारों तरफ़ बाज़ार का शोर अपने चरम पर है, और एक से बढकर एक मंहगी और विलासी चीज़ों का प्रलोभन दे, लोगों के मन पर हमले कर रहा है ! शहर के हृदय स्थल(गांधी मैदान) पटना, में पुस्तक मेले का आयोजन ... Read More...
प्रदीप कान्त की ग़ज़लें

प्रदीप कान्त की ग़ज़लें

(हिंदी गजलों में एक और शख्सियत : प्रदीप कान्त, उनकी कुछ ग़ज़लें humrang.com में पहली बार) प्रदीप कांत 1- पेड़ों पर जब झुकते हैं बादल तभी बरसते हैं पहचानो, सूरज हैं हम रोज़ यहीं से उगते हैं नीयत... Read More...

खो जाते हैं घर : कहानी (सूरज प्रकाश)

यथार्थ से जूझती बेहद मार्मिक और संवेदनशील कहानी ….. वरिष्ठ साहित्यकार सूरज प्रकाश की कलम से …| सूरज प्रकाश खो जाते हैं घर बब्बू क्लिनिक से रिलीव हो गया है और मिसेज राय उसे अपने साथ ले जा रह... Read More...
ग़ज़लें: (दिलशाद ‘सैदानपुरी’)

ग़ज़लें: (दिलशाद ‘सैदानपुरी’)

रंग मंच कि दुनिया में प्रवेश करने से पहले आपने ‘दिलशाद सैदानपुरी’ के नाम से गज़लें लिखना शुरू किया और यह लेखन का सफ़र आज भी जारी है | हमरंग के मंच से कुछ गज़लें आप सभी पाठकों के लिए, हमरंग पर आगे भी यह सफ़र ज... Read More...
‘प्रदीप कान्त’ की ग़ज़लें

‘प्रदीप कान्त’ की ग़ज़लें

आधुनिकता के साथ गजल की दुनियां में अपनी पहचान बना चुके ‘प्रदीप कान्त’ अपनी दो बेहतर गजलों के साथ हमरंग पर दस्तक दे रहे हैं ….आपका हमरंग पर स्वागत है …| – संपादक  प्रदीप कान्त 1 –  जल रहा सारा श... Read More...
ग़ज़लें: (दिलशाद ‘सैदानपुरी’)

जरूर देखा है: ग़ज़ल (दिलशाद सैदानपुरी)

रंग मंच कि दुनिया में प्रवेश करने से पहले आपने ‘दिलशाद सैदानपुरी’ के नाम से गज़लें लिखना शुरू किया और यह लेखन का सफ़र आज भी जारी है | हमरंग के मंच से कुछ गज़लें आप सभी पाठकों के लिए, हमरंग पर आगे भी यह सफ़र... Read More...
neelambuj

‘नीलाम्बुज’ की ग़ज़लें: हमरंग

‘नीलाम्बुज’ की ग़ज़लें  नीलाम्बुज डी. यू. से नजीर अकबराबादी की कविताओं पर एम् फिल कर चुकने के बाद जे. एन. यू. के भारतीय भाषा केंद्र से ‘सामासिक संस्कृति और आज़ादी के बाद की हिंदी कविता’ पर पीएच. डी. जारी... Read More...
सूरज प्रकाश

किस्‍से किताबों के: “पहली क़िस्त” (सूरज प्रकाश)

“किस्से किताबों के” की पहली क़िस्त में ‘सूरज प्रकाश जी’  के कुछ नोट्स (भूमिका) के साथ आज प्रस्तुत हैं दो किस्से ….. (हिंदी के वरिष्ठ कथाकार ‘सूरज प्रकाश’ की साहित्यिक अनुभव की कलम से निकले ‘किस्से किताबों... Read More...