‘मंटो का टाइपराइटर’ रोचक प्रसंग

‘मंटो का टाइपराइटर’ रोचक प्रसंग

कृशन चंदर जब  दिल्‍ली रेडियो में थे, तभी पहले मंटो और फिर अश्‍क भी रेडियो में आ गये थे। तीनों में गाढ़ी छनती थी। चुहलबाजी और छेड़छाड़ उनकी ज़िंदगी का ज़रूरी हिस्‍सा थे। रूठना मनाना चलता रहता था। कृशन चन्द... Read More...
आश्वस्त करती है !: (डा० विजय शर्मा) हमरंग का एक वर्ष पूरा होने पर देश भर के कई लेखकों से ‘हमरंग’ का साहित्यिक, वैचारिक मूल्यांकन करती टिपण्णी (लेख) हमें प्राप्त हुए हैं जो बिना किसी काट-छांट के, हर चौथे या पांचवें दिन प्रकाशित होंगे | हमारे इस प्रयास को लेकर हो सकता है आपकी भी कोई दृष्टि बनी हो तो नि-संकोच आप … सीमा आरिफ़ जन्म-10 दिसम्बर 1986 उत्तर प्रदेश ( ज़िला बिजनौर) जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली से इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं जर्नलिज्म में डिप्लोमा PSBT की डॉक्यूमेंट्री फिल्म -"There is something in the Air" में अभिनय ( फिल्म 2011 में केरल फिल्म और कोरियन फिल्म फेस्टिवल द्वारा राष्ट्रीय फिल्म पुस्कार से सम्मानित) तीन वर्ष तक नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में लेखन विभिन्न मैगज़ीन,न्यूज़ पेपर्,पोर्टल में लेखक के रूप में सक्रीय टिप्पणियां 10 months ago 2 “हमरंग” की टीम से एक खुशनुमा भेंट: (सीमा आरिफ़)

“हमरंग” की टीम से एक खुशनुमा भेंट: (सीमा आरिफ़)

हमरंग का एक वर्ष पूरा होने पर देश भर के कई लेखकों से ‘हमरंग’ का साहित्यिक, वैचारिक मूल्यांकन करती टिपण्णी (लेख) हमें प्राप्त हुए हैं जो बिना किसी काट-छांट के, हर चौथे या पांचवें दिन प्रकाशित होंगे | हमारे... Read More...
‘प्रदीप कान्त’ की दो ग़ज़लें:

‘प्रदीप कान्त’ की दो ग़ज़लें:

‘प्रदीप कान्त’ की दो ग़ज़लें  प्रदीप कांत अनुभूति, कविता कोश, रचना कोश, वर्तमान साहित्य, हरिगन्धा, जनसत्ता सहित्य वार्षिकी (2010), समावर्तन, बया, पाखी, कथादेश, इन्द्रपस्थ भारती, सम्यक, सहचर, अक्षर पर्व ... Read More...

ख़तरे में इस्लाम नहीं: एवं अन्य नज़्में (हबीब जालिब)

सदियों के रूप में गुजरते समय और देशों के रूप में धरती के हर हिस्से याने दुनिया भर में लेखकों कलाकारों ने सच बयानी की कीमत न केवल शारीरिक, मानसिक संत्रास झेलकर बल्कि अपनी जान देकर भी चुकाई है …. इनकी गवाहि... Read More...
“लिओ तोलिस्तोय” की कुछ लघु कथाएं (अनूदित)

“लिओ तोलिस्तोय” की कुछ लघु कथाएं (अनूदित)

छोटी किन्तु बड़े प्रतीक संदर्भ प्रस्तुत करतीं “लिओ तोलिस्तोय” की इन पांच कहानियों में  चार कहानियां ‘सुकेश साहनी’ द्वारा अनूदित हैं वहीँ पांचवीं कहानी का अनुवाद ‘प्रेमचंद’ ने किया है  |  दयामय की दया ... Read More...
suraj-prakash

मर्द नहीं रोते: कहानी (सूरज प्रकाश)

मर्द नहीं रोते सूरज प्रकाश जन्म : 14 मार्च 1952, देहरादून (उत्तरांचल) भाषा : हिंदी, गुजराती, विधाएँ : उपन्यास, कहानी, व्यंग्य, अनुवाद कहानी संग्रह : अधूरी तस्वीर, छूटे हुए घर, साचा सर नामे (गुजराती... Read More...
एक छोटा-सा मजाक: कहानी (अंतोन चेख़व)

एक छोटा-सा मजाक: कहानी (अंतोन चेख़व)

मानव ह्रदय सी गतिमान, इंसानी संवेदना की इतनी सूक्ष्म नक्कासी ‘अंतोन चेख़व’ की कहानियों की वह ताकत है कि कथा पाठक से जुड़ती नहीं बल्कि ह्रदय की अनंत गहराइयों में उतरती जाती है …… ऐसी ही एक कहानी …| – संपादक ... Read More...
चौथी का जोड़ा: कहानी (इस्मत चुग़ताई)

चौथी का जोड़ा: कहानी (इस्मत चुग़ताई)

२१ जुलाई 1915 को जन्मी साहित्यकार “इस्मत चुग़ताई” के चल रहे जन्मशती वर्ष में ‘हमरंग’ पर आज  इस्मत आपा को याद कर लेते हैं उनकी बहु चर्चित कहानियों में से एक कहानी पढ़कर …….| चौथी का जोड़ा  इस्मत चुगताई... Read More...
गाब्रिएल गार्सिया मार्केज

ऐसे ही किसी दिन: कहानी (गाब्रिएल गार्सिया मार्केज)

साहित्यिक संग्रह से ‘गाब्रिएल गार्सिया मार्केज’ की कहानी ……..  का अनुवाद – ‘मनोज पटेल’ की कलम से … ऐसे ही किसी दिन  अनुवाद – ‘मनोज पटेल’ गाब्रिएल गार्सिया मार्केज जन्म : 6 मार्च 1927, कोलंबिया भा... Read More...