हाकिम कथा: कहानी (अखिलेश)

"रजाई के भीतर आते ही उसे पास में पुनीत की अनुभूति होने लगती थी। अचानक वह भय से सिहर गई। हमेशा ऐसा ही होता रजाई उसे मादकता की नदी में डुबोकर खौफ़ की झाड़ी में फेंक देती थी। वर्तमान का अहसास ख़ौफ की झाड़ी ही था उ... Read More...