सुखिया की डोली एवं अन्य कवितायें, अमरपाल सिंह ‘आयुष्कर

वर्तमान समय में लगातार बढ़ती तकनीकी और बाजारवाद के प्रभाव के कारण मानवीय रिश्तों के बीच आई दरार को बयाँ करती अमरपाल सिंह 'आयुष्कर की कवियायें -  अनीता चौधरी  सुखिया की डोली अमरपाल सिंह 'आयुष्कर ' सुखिया कं... Read More...

अमरपाल सिंह ‘आयुष्कर’ की पांच लघुकथाएं

आकार में छोटी ही सही लेकिन बड़ी बातों की तरफ इशारा करतीं, चलती-फिरती जिंदगियों की टकराहटों से पनपतीं लघुकथाएं ..... बुके  अमरपाल सिंह 'आयुष्कर ' चौराहे की लाल बत्ती पर रुकते ही , फूलों पर पड़ी मेरी नज़र को व... Read More...

कटी नाक, जुड़ी नाक: कहानी (अमरपाल सिंह ‘आयुष्कर’)

'अमरपाल सिंह' की कहानियों में भाषाई पकड़ और कहानीपन निश्चित ही एक प्रौड़ कथाकार होने का आभास कराता है | प्रस्तुत लघुकहानी में भी अमरपाल सिंह में एक संभावनाशील लेखक के तेवर नज़र आते हैं ......|- संपादक  कटी नाक,... Read More...