अमरपाल सिंह ‘आयुष्कर’ की पांच लघुकथाएं

आकार में छोटी ही सही लेकिन बड़ी बातों की तरफ इशारा करतीं, चलती-फिरती जिंदगियों की टकराहटों से पनपतीं लघुकथाएं ..... बुके  अमरपाल सिंह 'आयुष्कर ' चौराहे की लाल बत्ती पर रुकते ही , फूलों पर पड़ी मेरी नज़र को व... Read More...

कटी नाक, जुड़ी नाक: कहानी (अमरपाल सिंह ‘आयुष्कर’)

'अमरपाल सिंह' की कहानियों में भाषाई पकड़ और कहानीपन निश्चित ही एक प्रौड़ कथाकार होने का आभास कराता है | प्रस्तुत लघुकहानी में भी अमरपाल सिंह में एक संभावनाशील लेखक के तेवर नज़र आते हैं ......|- संपादक  कटी नाक,... Read More...