पानी नहीं है तो क्या हुआ कोक पियो, खेल देखो: व्यंग्य (आरिफा एविस)

"करीब दस राज्यों के साथ महाराष्ट्र के कई जिले सूखा ग्रस्त घोषित कर दिये गए. लेकिन अब लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं, अगर कोई किसान पानी के नाम पर देशभक्ति में बाधा डालने की कोशिश करेगा तो देशभक्ति को बनाये र... Read More...

मई दिवस की संघर्ष गाथा: व्यंग्य (आरिफा एविस)

दिल्ली एन.सी.आर से सटे हुए क्षेत्र पूरी तरह से मजदूर बस्ती के रूप में पहचाने जाते हैं. हर रोज लाखों लोग 5 से 10 हजार रुपये तक की नौकरी करने के लिए दिल्ली,गाजियाबाद, गुडगाँव में साइकिलों पर सवार होकर या रेल में ... Read More...

बहिष्कारी तिरस्कारी व्यापारी : व्यंग्य (आरिफा एविस)

भारत एक त्यौहारों वाला देश है तब ऐसे सीजन में त्यौहारी वक्तव्यों का सीजन न हो ऐसे कैसे हो सकता है? यूँ तो हमें किसी बात से गुरेज नहीं लेकिन कोई अगर हमारे दुश्मन की तरफदारी करेगा तो उसका बहिष्कार करना जरूरी है. ... Read More...

बोलो अच्छे दिन आ गये: व्यंग्य (आरिफा एविस)

पुलिस विभाग देशद्रोही, आतंकवादियों, आदिवासियों, किसानों और छात्रों को नियन्त्रित करने में लगी है | क्या यह हमारी सफलता नहीं है? क्या ये सब अच्छे दिनों की सुगबुगाहट नहीं है? गंगा की सफाई, देशद्रोहियों की सफाई अभ... Read More...

योग के बहाने : व्यंग्य (आरिफा एविस)

पड़ोस में रहने वाले चंदू ने कहा, ‘क्या कभी भोग दिवस भी मनाया जाता है?  रोज कोई न कोई डे हो और लोगों को बदले में कुछ मिले. चाचा अगर भोग दिवस होगा तो लोगो को तरह तरह का खाने को मिलेगा. जिन्हें कभी वो चीजें नसीब न ... Read More...

गोद में गांव , शहर बने स्मार्ट: व्यंग्य (आरिफा एविस)

‘भाई मेरे अब जमाना बदल रहा है. जब स्मार्ट फ़ोन, स्मार्ट टी.वी और स्मार्ट लोग हो सकते हैं तो स्मार्ट सिटी भी बन जाने पर कम से कम कुछ लोगों का तो भला होगा ही. उनसे ही रिस रिस कर विकास की गंगा गांवों तक आएगी और भार... Read More...