भक्ति आन्दोलन और काव्य: समीक्षा (आशीष जायसवाल)

‘सूर की कविता  का समाज’ और ‘मीरा के काव्य में सामाजिक पहलू’ दो ऐसे महत्वपूर्ण कवियों के विषय में लिखा गया लेख है जो प्रायः हिन्दी साहित्य के आलोचकों के उतने प्रिय विषय नहीं रहें है एवम् इनकी काव्यों में सामाजिक... Read More...

रोती हुई संवेदनाओं की आत्मकथा : आशीष जायसवाल

एक बेहतर और सराहनीय प्रयास आशीष जायसवाल का – संपादक रोती हुई संवेदनाओं की आत्मकथा <img class="size-full wp-image-2458" src="http://www.humrang.com/wp-content/uploads/2016/09/Ashish avis ... Read More...

प्रेम एवम् विद्रोह के बीच खड़े मनोहर श्याम जोशी: आलेख (आशीष जयसवाल)

सभ्यता के विकास के साथ ही प्रेम और युद्ध से सम्बन्धित किस्से कहानियां प्रचलित होने लगी थीं ! प्रेम और युद्ध मानव मन को आकर्षित करतें हैं यही कारण है की प्रेम  और युद्ध से सम्बन्धित  किस्से कहानियां आज भी लिखे ज... Read More...

हिंदी उपन्यास, ‘परीक्षा गुरु’ समालोचनात्मक आलेख (आशीष जायसवाल)

हिंदी उपन्यास, ‘परीक्षा गुरु’ समालोचनात्मक आलेख (आशीष जायसवाल)  आशीष जयसवाल हिंदी उपन्यास की शुरुआत उसी युग में हुई जिसे हम आधुनिक युग या भारतेंदु युग की संज्ञा देतें हैं ! हिंदी का प्रथम मौलिक उपन्यास कौन ह... Read More...