परसाई का मुँह काला कर दिया जाता……: आलेख (हफीज़ किदवई)

परसाई की कलम बिलकुल घिसीपिटी नही थी। उसमे एक चमक थी। धार थी। जो किसी भी बुराई को काटने की ताक़त रखती। कविता, कहानी, उपन्यास, लेख सबमे परसाई ने खूब काम किया। अपने आखरी दिनों तक वह सिर्फ और सिर्फ लिखते रहे। वह भी ... Read More...