(हनीफ मदार)

पीछे जाते समय में…. भीष्म साहनी: संपादकीय (हनीफ मदार)

आज यूं अचानक 'भीष्म सहनी' की याद आ जाने के पीछे 'अनहद' के संपादक 'संतोष कुमार चतुर्वेदी' का कुछ महीने पूर्व का आग्रह रहा है ज़ाहिर है यह आलेख विस्तृत रूप से 'अनहद' के ताज़ा अंक फरवरी २०१६ में प्रकाशित हुआ है | तब... Read More...

वर्तमान राजनीति का माइक्रोस्कोप नाटक “साइकिल” (हनीफ़ मदार)

साइकिल एक साहित्यिक कृति से आगे एक जीवन की कहानी है | कहानी भी महज़ एक मुन्ना की नहीं अपितु देश दुनिया के हर गरीब मजदूर की कहानी है शायद इसीलिए दृश्य दर दृश्य देखते हुए दर्शक के रूप में यह लगने लगता है कि यह मेर... Read More...

परिवर्तनगामी चेतना की संवाहक प्रस्तुति… नाट्य समीक्षा (हनीफ मदार)

 ‘आशिया मदार’ के निर्देशन में भारतेंदु नाट्य अकादमी द्वारा पच्चीस दिवसीय  नाट्य कार्यशाला में ‘राजेश कुमार’ द्वारा लिखत नाटक ‘सपने हर किसी को नहीं आते’ का मंचन 16 दिसम्बर को एच पी एस सभागार में किया गया | इस प्... Read More...

सुनिए ‘एक जीवी एक रत्‍नी एक सपना’ कहानी अमृता प्रीतम, (आवाज़ “ममता सिंह”)

आज  ‘हमरंग’ में सुनते  हैं, अमृता प्रीतम की कहानी ‘एक जीवी, एक रत्‍नी, एक सपना’। बी बी सी की रेडिओ उद्घोषक ‘ममता सिंह’ की ममता सिंह रेडियोसखी ममता सिंह. विविध-भारती सेवा में उद्घोषिका एवं पत्रकार। विभिन्‍न ... Read More...
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पहली फ़िल्म है, शानदार है, मनोरंजक है: (श्याम नंदन) फिल्म “कैद” का ट्रेलर

फिल्म कैद पर श्याम नंदन का एक महत्वपूर्ण आलेख है जिसे उन्होंने सफदर स्टूडियो दिल्ली में हुई 8 फरवरी 2014  को फिल्म की पहली स्क्रीनिंग में फिल्म देखने के बाद 11 को लिखा था । हालांकि उसके बाद जन सिनेमा द्वारा निर... Read More...
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जन सिनेमा की पहली शार्ट फिल्म जो इंटरनेशनल साज़ फिल्म फेस्टिवल में प्रतिभागी रही । फिल्म के निर्देशक एम गनी ।

जन सिनेमा की पहली शार्ट फिल्म जो इंटरनेशनल साज़ फिल्म फेस्टिवल में प्रतिभागी रही । फिल्म के निर्देशक एम गनी ।... Read More...
चौधरी ‘अमरीका’: कहानी (संदीप मील)

स्वतंत्रता दिवस के जश्न की सार्थकता: संपादकीय (हनीफ मदार)

स्वतंत्रता दिवस के जश्न की सार्थकता  सौ में सत्तर आदमी फ़िलहाल जब नाशाद हैं दिल पे रखकर हाथ कहिये देश क्या आज़ाद है | अदम गौंडवी साहब को क्या जरूरत थी इस लाइन को लिखने की | खुद तो चले गए लेकिन इस विरासत को हमे... Read More...

उद्घाटन: कहानी (हनीफ मदार)

1 जनवरी 2015 को नव वर्ष के अवसर पर सफ़दर हाशमी को समर्पित कोवलेन्ट ग्रुप द्वारा आयोजित कार्यक्रम “तू ज़िंदा है, मैं ज़िंदा हूँ ” में इस कहानी ‘उद्घाटन’ का चारित्रिक पाठ हुआ था | बेहद सफलतम इस कार्यक्रम की रि... Read More...
जन कवि ‘वीरेन डंगवाल’ को आखिरी सलाम (हमरंग)

जन कवि ‘वीरेन डंगवाल’ को आखिरी सलाम (हमरंग)

इस त्रासद समय में भी ‘उजले दिन जरूर आएंगे’ का भरोसा दिलाने वाले साथी जन कवि ‘वीरेन डंगवाल’ हमारे बीच नहीं रहे | आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली ….| इस जन साहित्यिक त्रासद पूर्ण घटना से दुखी सम्पूर्ण हमरंग... Read More...