जीव अनन्त है, मात्र जीवनकाल ही सीमित है: “ए० के० हंगल”

अविभाजित भारत के सियालकोट (जो कि अब पाकिस्तान में है) में साल 1917 में जन्मे अवतार विनीत कृष्ण हंगल उर्फ ए. के. हंगल की शुरूआती जिंदगी, काफी हंगामेदार रही। उनका बचपन और पूरी जवानी संघर्षमय गुजरी। अपने स्कूली दि... Read More...

कृश्न चंदर: कड़वी हकीकत का सच्चा अफसानानिगार (जाहिद खान)

"24 नवम्बर, 1914 को अविभाजित भारत के वजीराबाद, जिला गूजरांवाला में जन्मे कृश्न चंदर ने 1936 से ही उन्होंने लिखना शुरू कर दिया था। शफीक अहमद, जो उर्दू पत्रिका ‘इंकलाब’ में एक स्तंभकार थे, उनके लेखन का कृश्न चंदर... Read More...

लंदन की एक रात, हिंदुस्तान का नया सबेरा: समीक्षा (जाहिद खान)

"साल 1935 में फ्रांसीसी अदीब हेनरी बारबूस की कोशिशों से पेरिस में साम्राज्यवाद, फासिज्म के बरखिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बना ‘वल्र्ड कान्फ्रेंस ऑफ़ राइटर्स फार दि डिफेन्स ऑफ़ कल्चर’, जिसे जल्दी ही पॉपूलर फ्रंट या जनम... Read More...

सज्जाद ज़हीर: तरक्कीपसंद तहरीक के रूहेरवां: आलेख (जाहिद खान)

"मेरी यह छोटी सी किताब प्रगतिशील आंदोलन से जुड़े उन तमाम कलमकारों, फनकारों, और संस्कृतिकर्मियों के नाम, जिन्होंने अपने लेखन और कला से कभी समझौता नहीं किया और आज भी अपने फन से देशवासियों में प्रगतिशील, जनवादी, लो... Read More...