मुर्दाखोर : कहानी (नंदलाल भारती)

('डॉ. नन्दलाल भारती' लघुकथाओं के ख्यातिलब्ध एक दलित चिन्तक और लेखक हैं | हिंदी की तमाम विधाओं पर काम करते हुए अपनी बात पाठकों तक पहुंचाते हैं...मुर्दाखोर दलित समाज की विसंगति और संघर्ष की विजय गाथा सी, कविता के... Read More...

समय से संवाद का पर्याय, ‘दिनभर दिन’: पुस्तक समीक्षा (नंदलाल भारती)

समय से संवाद का पर्याय, 'दिनभर दिन  नंदलाल भारती श्री चरणसिंह अमी एक समर्थ रचनाकार है। कविता कर्म को समर्पित इनकी दिनभर दिन पुस्तक आयी है । पुस्तक का पन्ना पलटने से पहले नजर प्रथम फ्लैप पर ठहर जाती है जो एक ... Read More...

बिटिया बड़ी हो गयी: कहानी (डॉ0 नंदलाल भारती)

"नरोत्तम- मुसीबत के माहौल में पले-बढ़े। मेरी भी नौकरी का कोई भरोसा नही था, मैं जातीय अयोग्यता की वजह से उत्पीड़न का शिकार हो चुका था । अपने तो खैर कोई शहर में थे नही । ये कामप्रसाद दूर गांव के सजातीय मिल गये थे। ... Read More...