अधेड़ औरतें एवं अन्य कवितायें, प्रमोद बेड़िया

शब्दों से स्पंदित होती संवेदना के जीवंत और सवाल पूर्ण छत्र उकेरती हुईं 'प्रमोद बेड़िया' की दो कवितायें ..... संपादक  अधेड़ औरतें प्रमोद बेड़िया अधेड़ होती लड़की के दुख कोई नहीं जानता ,देखिए न मैं भी दुख क... Read More...

धरती भयानक हो गई ! कविता (प्रमोद बेड़िया)

गहरे अर्थों और प्रतीकों के सहारे जैसे इतिहासबोध, आदमी ... न.. सम्पूर्ण मानव जाति, धरती .... नहीं.... धरतियों का जीवन आलाप | सभ्यता या सभ्यता के प्रस्फुटन के आईने में वर्तमान को देखने समझने का प्रयास करती "प्रमो... Read More...
एक अश्लील कहानी: कहानी (प्रमोद बेड़िया)

एक अश्लील कहानी: लघुकथा (प्रमोद बेड़िया)

इस अत्यंत ज्वलनशील विषय पर इतनी रोचक और साफसुथरी कलात्मक लेकिन गंभीर चिंतन को विवस करती कहानी …..          प्रमोद बेरिया एक अश्लील कहानी उसे याद है ,हुबहू ,वैसे का वैसा – सब के सब जमा थे ,एक ज... Read More...