स्मृतियाँ एवं अन्य कवितायें : रूपाली सिन्हा

वर्तमान समय की भाग-दौड़ भरी जिन्दगी में कुछ सुनहले पल, यादों की पोटली लिए मन के किसी कोने को थामे रहते है जब भी थकती साँसों को थोड़ा आरम की जरुरत होती हैं, यही यादें उन्हें संबल के रूप में पुनर्जीवित कर देती है |... Read More...

निंदक नियरे: एवं अन्य कविताएँ (रूपाली सिन्हा)

लेखन और अध्यापन से जुड़ी "रुपाली सिन्हा" की कविताओं में सहज ही वर्तमान सामाजिक, मानसिक वातावरण जीवंत रूप में उठ खडा होता जान पड़ता है | आपकी रचनात्मकता महज़ विद्रूप देखने की आदी नहीं है बल्कि वह कारणों की पड़ताल कर... Read More...

क्रोध का प्रबंधन, एवं अन्य कविता (रूपाली सिन्हा)

वक्ती हालातों, ज़ज्बातों और संवेदनाओं को शब्दों के सहारे कविता में पिरोने का सार्थक प्रयास करतीं 'रूपाली सिन्हा' की दो कविताएँ .......| - संपादक  क्रोध का प्रबंधन  प्रबंधन के इस युग में सिखाया जा रहा है क्रो... Read More...

घर वापसी : एवं अन्य कवितायेँ

ये कवितायें एक तरफ जीवन से रूप,रंग गंध लेती हैं तो दूसरी तरफ समाज की नब्ज़ पर भी हाथ रखती हैं। पितृसत्ता के आवरण में चलने वाले शोषण और फरेब के अनेक रूपों को अनावृत्त करती हैं, सवाल उठती हैं। 'रूपाली सिन्हा' की  ... Read More...
पाँवों में पहिये: लघुकथा (रूपाली सिन्हा)

पाँवों में पहिये: लघुकथा (रूपाली सिन्हा)

जीवन में बहुत कुछ है जो शाश्वत है सत्य है ….. बावजूद इसके ऐसा बहुत है जिसे शाश्वत या सत्य बताने और  दिखाने के लिए मुलम्मा चढ़ाया जाता रहा है और आज भी जारी है ……….|  ‘रूपाली सिन्हा’ की लघुकथा पाँवों में पहिये  ... Read More...