‘सबाहत आफ़रीन’ की कविताएँ ॰॰॰॰॰

सचेतन मानवीय अभिव्यक्तियों को वर्गों में बाँटना और दायरों में क़ैद करना मुझे हमेशा ही ख़राब लगता रहा है। मेरे लिए ख़ासकर यह संकट तब और गहरा जाता है जब एक वर्ग विशेष, प्रेम और नैतिकता की दुहाई तो देता है किन्तु ... Read More...