‘उत्तमी की माँ’ एक विमर्श की माँग: आलेख (साक्षी)

पुरुषसत्तात्मक समाज में लड़की का नैतिकता पूर्ण आचरण व स्वयं को पुरुष के आनंद की वस्तु बनाना स्त्री की नियति है और ऐसा ही उसका मनोविज्ञान भी बनता है। सिमोन द बोउवार कहती है’’ स्त्री बनती नहीं बनाई जाती है’ और ‘‘... Read More...