प्यास…. : कविता (शबाना)

मानव जीवन के चिंतन से गुज़रती संवेदनशील कविता बुनने का सार्थक प्रयास 'शबाना' की कलम से ........ प्यास....   शबाना पेन्सिल मिली, पैन मिला। एक कागज़ कहीं से ढूंढ लिया लिखने को मन विचलित हुआ पांच-दस मिनट ... Read More...