स्थिति नियंत्रण में है एवं अन्य कवितायें, शहनाज़ इमरानी

अनचाहे गहराते अंधेरों में व्याप्त सन्नाटे को अपने रचना शब्दों से तोड़ने का प्रयास करती "शहनाज़ इमरानी की कविता .....| - संपादक  स्थिति नियंत्रण में है शहनाज़ इमरानी पुलिस कि गश्त है चौराहों, सड़कों, गलियों म... Read More...

मेरा शहर भोपाल एवं अन्य कवितायेँ : शहनाज़ इमरानी

गहरे प्रतीक संदर्भों में वर्तमान सामाजिक हालात और राजनैतिक व्यवस्था के बनते कथित तांबई परिदृश्य के बीच से बारीक पड़ताल के साथ आम जन और मानव जाति व् उसकी मनः स्थिति को तलाशने का प्रयास करती 'शहनाज़ इमरानी' की यह क... Read More...

क़ातिल जब मसीहा है: एवं अन्य कवितायेँ

जिंदगी के कई जीवंत पहलुओं से सीधे रूबरू करातीं 'शहनाज़ इमरानी' की कविताएँ ..... क़ातिल जब मसीहा है  शहनाज़ इमरानी सिर्फ़ लात ही तो मारी है भूखा ही तो रखना चाहते हैं वो तुम्हें नादान हो तुम भीख मांगते हो तु... Read More...

आत्महत्या, एवं अन्य कवितायें (शहनाज़ इमरानी)

सामाजिक एवं राजनैतिक दृष्टि से निरंतर होते मानवीय क्षरण को देखती 'शहनाज़ इमरानी' की कवितायें ......... आत्महत्या  शहनाज़ इमरानी आत्महत्या पलायन है आत्महत्या की सोच अपरिपक्व होती है मुझे मालूम है मेरी ... Read More...