मानवीय करुणा का उच्च शिखर है परसाई का व्यंग्य: आलेख (सुरेश क़ांत)

जीवन की व्याख्या के लिए एक विचारधारा की अनिवार्यता बताते हुए परसाई लिखते हैं, “एक ही बात की व्याख्या भिन्न-भिन्न लोगों के लिए भिन्न-भिन्न होती है. इसलिए एक विचारधारा जरूरी है, जिससे जीवन का ठीक विश्लेषण हो सके ... Read More...