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नहीं टूटेगा आपका भरोसा….: संपादकीय (हनीफ मदार)

नहीं टूटेगा आपका भरोसा....  हनीफ मदार किसी भी लेखक की पूँजी उसका रचनाकर्म होता है | अपनी रचनाओं को संजोने के लिए लेखक अपनी जिंदगी के उन क्षणों को अ... Read More...
मैं पीछे क्यों रहूँ

प्रेम-गली अति सांकरी…: संपादकीय (अनीता चौधरी)

प्रेम-गली अति सांकरी... बसंत और मधुमास से गुज़रते हुए दृष्टि, वर्तमान समय में राजनैतिक इच्छाशक्ति के चलते पूरे सामाजिक परिवेश में एक ख़ास तरह के बदलाव ... Read More...
(हनीफ मदार)

पुस्तक मेले से लौटकर…: संपादकीय (हनीफ मदार)

पुस्तक मेले से लौटकर...  हनीफ मदार एक दिन कटता है तो लगता है एक साल कट गया | भले ही यह एक किम्बदंती ही सही लेकिन वर्तमान में सच साबित हो रही है | आ... Read More...
(हनीफ मदार)

ऐसे में लेखक बेचारा करे भी क्या…?: संपादकीय (हनीफ मदार)

ऐसे में लेखक बेचारा करे भी क्या...?  हनीफ मदार इधर हम छियासठवें गणतंत्र में प्रवेश कर रहे हैं | अंकों के लिहाज़ से इस गणतंत्र वर्ष के शुरूआत 1 जनवरी... Read More...

‘कल्चर ऑफ साइलेंस’: संपादकीय (मज्कूर आलम)

‘कल्चर ऑफ साइलेंस’  मज्कूर आलम तमाम हंगामों और तमाशों के बीच साल 2015 समाप्त हो गया। इस बीच साहित्यिक-सांस्कृतिक-सामाजिक सारोकार की पैरोकारी के लिए... Read More...
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365 दिन के सफ़र में “हमरंग”: संपादकीय (हनीफ मदार)

365 दिन के सफ़र में “हमरंग”  हनीफ मदार साथियो जहाँ समय का अपनी गति से चलते रहना प्राकृतिक है, वहीँ वक्ती तौर पर चलते हुए अपने निशान छोड़ना इंसानी जू... Read More...

आखिर क्या लिखूं…..?: संपादकीय (हनीफ मदार)

आखिर क्या लिखूं.....?  हनीफ मदार कितना तकलीफ़देह होता है उस स्वीकारोक्ति से खुद का साक्षात्कार, जहाँ आपको एहसास हो कि जिस चीज़ की प्राप्ति या तलाश मे... Read More...

ग्लोबल युग का क्रिकेटीय राष्ट्रवाद: संपादकीय (मज्कूर आलम)

ग्लोबल युग का क्रिकेटीय राष्ट्रवाद  मज्कूर आलम हम देशवासियों की तमाम शुभकामनाओं के बावजूद भी भारत टी-20 विश्वकप से बाहर हो गया । हालांकि क्वार्टर फ... Read More...

डा0 भीमराव अम्बेडकर को पढने की जरूरत है: संपादकीय (हनीफ मदार)

डा0 भीमराव अम्बेडकर को पढने की जरूरत है   हनीफ मदार दलित चिंतन के बिना साहित्य या समाज को पूर्णता न मिल पाना एक व्यावहारिक यथार्थ है कि बिना दलित स... Read More...
(हनीफ मदार)

मई दिवस एक ऑपचारिक चिंतन…!: संपादकीय (हनीफ मदार)

मई दिवस एक ऑपचारिक चिंतन...!   हनीफ मदार कॉल सेंटर, माल्स, प्राइवेट बैंक, प्रिंट या इलैक्ट्रोनिक मीडिया जैसी आदि अन्य निज़ी कम्पनियों, में नौकरी करन... Read More...