प्रेम की होली: कहानी (प्रेमचंद)

प्रेमचंद साहित्य जगत के एक मात्र ऐसे सिरमौर हैं जिनकी कोई भी कहानी वर्तमान सामाजिक हालातों का दामन नहीं छोड़ती। इसीलिए यह कहना अतिशयोक्ति नहीं है कि प... Read More...

चुटकी-चुटकी प्रेम॰॰॰: कहानी (हनीफ़ मदार)

उसने युवती के चेहरे को गौर से देखना चाहा | बैठे-बैठे घूम कर देखना शायद युवती को असहज कर सकता है यही सोचकर वह खड़ा हुआ है | लेकिन, तब तक उसकी ट्रेन आ ग... Read More...

दुख : कहानी (अंतोन चेखव )

एक बार फिर वह खुद को बेहद अकेला महसूस करता है। सन्नाटे से घिरा हुआ... उसका दुख जो थोड़ी देर के लिए कम हो गया था, फिर लौट आता है, और इस बार वह और भी ता... Read More...

राजपूत कैदी : कहानी (तोल्सतोय )

एक दिन आंधी आई। एक घंटा मूसलाधार मेंह बरसा, नदियाँ-नाले भर गए। बाँध पर सात फुट पानी चढ़ आया। जहाँ तहाँ झरने झरने लगे, धार ऐसी प्रबल थी कि पत्थर लु़ढ़क... Read More...

जलतरंग : कहानी (प्रतिभा)

उसके तिलिस्म को बिखरते हुए देखने का मेरा इन्तज़ार जितना लम्बा हो रहा था उसका तिलिस्म उतना ही ताकतवर हो रहा था..... उस कल्पनाजीवी औरत के विश्वास के महल... Read More...

सुबह होने तक: कहानी (हनीफ़ मदार)

"गुड़िया खेलने की उम्र में ब्याह दिया था मुझे । मैं रानी ही तो थी उस घर की । दिन में कई-कई बार सजती-सँवरती, घर भर में किसी ऐसे फूल की तरह थी जिसके मुर... Read More...

अन्नाभाई का सलाम: कहानी (सुभाष पंत)

भाषा और ऐतिहासिक नायक सुरक्षा की मजबूत दीवारें हैं। इसके अलावा हमें अपनी कमजोर पड़ गई खिड़की तो बदलनी ही है...’’  बहुत भोला विश्वास है सावित्री तुम्ह... Read More...

लाल पान की बेगम : कहानी (फणीश्वरनाथ रेणु )

प्रसिद्ध कहानीकार 'फणीश्वरनाथ रेणु ' के जन्मदिवस के अवसर पर उनको याद करते हुए, आइये पढ़ते हैं उनकी कहानी 'लाल पान की बेगम'.....  लाल पान की बेगम फ... Read More...

ईदा : कहानी (हनीफ़ मदार)

हनीफ़ मदार की कहानी "ईदा" आजकल ख़ूब चर्चा में है । २०१५ में 'परिकथा' में प्रकाशित हुई कहानी पर ‘प्रतिलिपि’ मंच से शुरू हुई चर्चा लगातार जारी है । पाठक... Read More...

गन्ध: कहानी (डॉ० श्याम सखा ‘श्याम’)

"असली बात या मुद्दआ तो हमारी दोस्ती है जो चाहत व समझ की ठोस बुनियाद पर डटी है। हालाँकि हमने आपस में भविष्य के बारे में कभी कोई बात नहीं की है, पर लगभग... Read More...