आगाज़: कहानी (शालिनी श्रीवास्तव)

जड़वत: कहानी (शालिनी श्रीवास्तव)

विचार, व्यवहार और हकीकत को परत दर परत उधेड़ती और एक सामाजिक सच्चाई का रचनात्मक ढंग से विवेचन करते हुए बेहतर कथ्य और शिल्प के साथ कैनवस पर उतरती क... Read More...

तीसमार खाँ: कहानी (डा० विजय शर्मा)

“अरे भई औरतों को काबू में रखना जरूरी है। बड़े घर की बेटियाँ बड़ी मगरूर होती हैं, उन्हें ठीक करना जरूरी है।” उन्होंने स्त्री संबंधी अपने विचारों का... Read More...
अम्मी…: कहानी (अवधेश प्रीत)

अम्मी…: कहानी (अवधेश प्रीत)

“माँ” यकीनन “माँ” होती है हिन्दू या मुसलमान नहीं | यह बिडम्बना ही है कि वर्तमान अवसरवादी राजनीति और उसके प्रभाव से प्रभावित समाज द्वारा गढ़ी गई अ... Read More...
सत्यनारायण पटेल

एक था चिका एक थी चिकी: कहानी (सत्यनारायण पटेल)

        सत्यनारायण पटेल एक था चिका एक थी चिकी आज रूपा का काम जल्दी समेटा गया। रोज़ रात ग्यारह के आसपास बिस्तर लगाती। आज खाना-बासन से ... Read More...

भटकुंइयां इनार का खजाना: कहानी (सुभाष चन्द्र कुशवाह)

 हमारी वर्तमान सांकृतिकता की विरासतीय थाती लोक भाषा, बतकही, किस्से-कहानियाँ, मानवीय चेतना की विकास प्रक्रिया का पहला और महत्वपूर्ण पायदान रही है... Read More...

मैं भी आती हूं ….! : कहानी (हनीफ मदार)

वर्तमान समय की  उपभोगातावादी व्यवस्था के कारण  हरी भरी भूमि और  पेड़ों को काटकर ईट पत्थर की चन्द दीवारों द्वारा बने मकानों के दर्द को बयाँ करती... Read More...

पानीदार …, कहानी (मज़कूर आलम)

‘रहिमन पानी राखिये बिन पानी सब सून’ क्या हुआ गर रहीम ने कहा था तो,  शहर कोई भी हो क्या फर्क पड़ता है, पानी की समस्या सभी जगह मूलभूत समस्या ही है,... Read More...

कोख : कहानी (नमिता सिंह)

आदिकाल से आज तक समाज में स्त्रियों की दशाओं में कितना अंतर आ सका है | स्त्री स्वतंत्रता से जुड़े पहलू ख़ासकर आज़ादी, विचार, दृष्टि, इच्छा, अनिच्छा ... Read More...

खो जाते हैं घर : कहानी (सूरज प्रकाश)

यथार्थ से जूझती बेहद मार्मिक और संवेदनशील कहानी ….. वरिष्ठ साहित्यकार सूरज प्रकाश की कलम से …| सूरज प्रकाश खो जाते हैं घर बब्बू क... Read More...
शालिनी श्रीवास्तव

मेरे हिस्से की धूप: कहानी (शालिनी श्रीवास्तव)

अपने भीतर खुद को खोजने की छटपटाहट एक ऐसे मैदान में ला खडा करती है जहाँ इंसानी वजूद के स्थापत्य के लिए सीधे जिंदगी से मुठभेड़ करनी होती है | स्त्र... Read More...