जेनेरेशन गैप और प्रकाश : लघु कथाएं (निधि जैन)

एक जेनेरेशन गैप निधि जैन हमारा ज़माना "अम्मा... अम्मा..मैं पास हो गया" "तो का करूँ हो गया पास तो..अब फिर जान खायेगा..नई किताबें मांगेगा..चल अब छु... Read More...

उस रात : लघु कथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

लघु कहानी के नए हस्ताक्षर के रूप में उभरते 'सुशील कुमार भारद्वाज' की कलम से मानवीय अंतरद्वंद को उकेरती उनकी अगली लघुकथा हमरंग के मंच से आप सब के बीच .... Read More...

अमृतसर टू कनेडा : लघुकहानी (अमिता महरौलिया)

‘‘मुंडा सिंगापुर दा है ओथे ही एक छोटा जिहालया होया है। मुंडा जाट्ट है, मैं देख लिया है तुसी बस हां करो जी!’’ मनप्रीत लस्सी का गिलास रखते बोली... ‘‘जी... Read More...

मैं क्यों पीछे रहूं…: लघुकथा (अनीता चौधरी)

"पार्वती आज तो तू सुबह से ही भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की लंबी उम्र की दुआ कर रही है |" तो वह तुरंत बोली, "अरे, बीबी जी तुमसे क्या छुपाना ! तुम्हें क्... Read More...
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गोपाल: कहानी (फ़िरोज अख्तर)

मानवीय चरित्र और उसकी संवेदनशीलता को एक पल के लिए झकझोर देने के साहस के साथ बेहद लघु आकार के बावजूद कितने बड़े और और अनसुलझे सवालों से मुठभेड़ के लिए वि... Read More...
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धर्म: लघुकथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

छोटी छोटी सामाजिक विषमताओं को रचनात्मकता के साथ लघुकथा के रूप में प्रस्तुत करने का कौशल है सुशील कुमार भारद्वाज की कलम में | धार्मिक संकीर्णताओं... Read More...
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अनुचित: लहुकथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

मन को समझाने भर के लिए कह लेते है कि हम इक्कीसवीं सदी में जी रहे है लेकिन आज भी इस पुरुष सतात्मक समाज में महिलाओं को वह हक़ या अधिकार नहीं मिलत... Read More...
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उस रात: लघुकथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

लघु कहानी के नए हस्ताक्षर के रूप में उभरते ‘सुशील कुमार भारद्वाज’ की कलम से मानवीय अंतरद्वंद को उकेरती उनकी अगली लघुकथा हमरंग के मंच से आप सब के... Read More...
मेरा जूता है जापानी… (लघुकथा)

मेरा जूता है जापानी… (लघुकथा)

धर्मेन्द्र कृष्ण तिवारी धर्मेन्द्र कृष्ण तिवारी पेशे से भले ही पत्रकार हैं लेकिन उनकी सामाजिक और जनवादी सोच उन्हें बाजारवाद के दौर में प्रचलित ... Read More...