पगली का तौलिया: लघु कथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

पगली का तौलिया: लघु कथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

मानवीय संवेदना को लेकर वर्तमान समय, समाज और सभ्यता से एक सवाल दुहराती छोटी कहानी …..|-  सुशील कुमार भारद्वाज पगली का तौलिया बाघ एक्सप्रेस क... Read More...
एक अश्लील कहानी: कहानी (प्रमोद बेड़िया)

एक अश्लील कहानी: लघुकथा (प्रमोद बेड़िया)

इस अत्यंत ज्वलनशील विषय पर इतनी रोचक और साफसुथरी कलात्मक लेकिन गंभीर चिंतन को विवस करती कहानी …..          प्रमोद बेरिया एक अश्लील कह... Read More...
निर्लज्ज !: लघुकथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

निर्लज्ज !: लघुकथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

‘सुशील कुमार भारद्वाज’ की लघुकथायें छोटी-छोटी घटनाओं के यथावत चित्रण के रूप में सामने आती हैं | जहाँ भूत-भविष्य की लेखकीय कल्पना और उपदेश उतने ह... Read More...
“अनवर सुहैल” की तीन ‘लघु कथाएं’

“अनवर सुहैल” की तीन ‘लघु कथाएं’

निशब्द, दंश, छटपटाहट फिर सवाल ….. कोई जबाव नहीं ….. कलम , अभिव्यक्ति …..? अनवर सुहैल फ़र्क़ फुटपाथ पर दोनों की गुमटियां हैं। एक मोची की, दूस... Read More...
“लिओ तोलिस्तोय” की कुछ लघु कथाएं (अनूदित)

“लिओ तोलिस्तोय” की कुछ लघु कथाएं (अनूदित)

छोटी किन्तु बड़े प्रतीक संदर्भ प्रस्तुत करतीं “लिओ तोलिस्तोय” की इन पांच कहानियों में  चार कहानियां ‘सुकेश साहनी’ द्वारा अनूदित हैं वहीँ पांचवी... Read More...
पाँवों में पहिये: लघुकथा (रूपाली सिन्हा)

पाँवों में पहिये: लघुकथा (रूपाली सिन्हा)

जीवन में बहुत कुछ है जो शाश्वत है सत्य है ….. बावजूद इसके ऐसा बहुत है जिसे शाश्वत या सत्य बताने और  दिखाने के लिए मुलम्मा चढ़ाया जाता रहा है और आज भी ज... Read More...
शेर की गुफा में न्याय: एवं अन्य लघुकथाएं (शरद जोशी)

शेर की गुफा में न्याय: एवं अन्य लघुकथाएं (शरद जोशी)

हिन्दी के सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार शरद जोशी का जन्म 21 मई 1931 को उज्जैन, मध्यप्रदेश में हुआ था। शरद जोशी ने मध्य प्रदेश सरकार के सूचना एवं प्रकाशन... Read More...

जाति बघारने: लघुकथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

जाति बघारने  सुशील कुमार भारद्वाज जन्म – 1 मार्च १९८६ , गाँव देवधा , जिला – समस्तीपुर विभिन्न कहानियाँ तथा लेख पटना से प्रकाशित पत्र-पत... Read More...
साल्व ऑफ़ लव: कहानी (अनीता चौधरी)

साल्व ऑफ़ लव: कहानी (अनीता चौधरी)

बचपन से लेकर जीवनपरियन्त कितनी ही छोटी बड़ी घटनाएँ होती गुज़रती जाती हैं इन्हीं घटनाओं में से जीवंत मानवीय संवेदनाएं खोज निकालना ही लेखकीय जूनून या ... Read More...