स्‍त्री मन के सूक्ष्म मनोभावों को परत दर परत खोलतीं कहानियां : अमृता ठाकुर

पंखुरी की कहानियां स्त्री विमर्श का हिस्सा हैं, इस बयान को हालांकि खारिज नहीं किया जा सकता, क्यों कि वे स्‍त्री मन के अत्यंत सूक्ष्म मनोभावों को परत द... Read More...

हिंदी उपन्यास, ‘परीक्षा गुरु’ समालोचनात्मक आलेख (आशीष जायसवाल)

हिंदी उपन्यास, ‘परीक्षा गुरु’ समालोचनात्मक आलेख (आशीष जायसवाल)  आशीष जयसवाल हिंदी उपन्यास की शुरुआत उसी युग में हुई जिसे हम आधुनिक युग या भारतेंदु ... Read More...

स्‍त्री मन के सूक्ष्म मनोभावों को परत दर परत खोलतीं कहानियां: ‘कोई भी दिन’ ‘पंखुरी सिंहा’ :-

 पंखुरी की कहानियां स्त्री विमर्श का हिस्सा हैं, इस बयान को हालांकि खारिज नहीं किया जा सकता, क्यों कि वे स्‍त्री मन के अत्यंत सूक्ष्म मनोभावों क... Read More...

जीवन की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है फिल्म : समीक्षा

जीवन की अभिव्यक्ति का साहित्य भी एक माध्यम है और फिल्म भी, अंतर केवल इतना है कि फ़िल्म अपनी बात दृश्यात्मक विधान द्वारा दर्शक और समाज के सामने आत... Read More...
अवधेश प्रीत

समाज का विद्रूप चेहरा है ‘चांद के पार एक चाभी’ समीक्षा (कहानी संग्रह)

समाज का विद्रूप चेहरा है ‘चांद के पार एक चाभी’ कहानी संग्रह – चांद के पार एक चाभी लेखक – अवधेश प्रीत मूल्य – 199/- (पेपरबैक) प्रकाशक– ... Read More...