‘सुकेश साहनी’ अनूदित लघुकथाएं…

बोझ सुकेश साहनी कुछ फौजियों ने दुश्मन के इलाके पर हमला किया तो एक किसान भागा हुआ खेत में अपने घोड़े के पास गया और उसे पकड़ने की कोशिश करने लगा, पर ... Read More...

‘अट्टहास’ पत्रिका का नया प्रयोग: समीक्षा (आरिफा एविस)

पिछले काफी समय से नये और पुराने व्यंग्यकारों के लेखन पर सवाल उठ रहे हैं, जिन्हें या तो सिरे से नकार दिया जा रहा है या छपास की श्रेणी में डाला दिया जात... Read More...

मुर्दाखोर : कहानी (नंदलाल भारती)

('डॉ. नन्दलाल भारती' लघुकथाओं के ख्यातिलब्ध एक दलित चिन्तक और लेखक हैं | हिंदी की तमाम विधाओं पर काम करते हुए अपनी बात पाठकों तक पहुंचाते हैं...मुर्दा... Read More...

परास्त: कहानी (धनंजय सिंह)

‘नहीं...नहीं साब। हम हाथ जोड़ता। हमको नई जाना। फिफ्टीन इयर में नायक का रैंक मिला है। एक बार सिक क्वार्टर चला गया तो रैंक चला जाएगा।’ डी.एस.सी. के मरीज ... Read More...

लेखक: कहानी (मुंशी प्रेमचंद)

बीसवीं सदी के शुरूआती दशकों से अपने लेखन से हिंदी साहित्य को "आम जन की आवाज़" के रूप में प्रस्तुत करने व साहित्य में सामाजिक और राजनैतिक यथास्थिति के य... Read More...

ग्रेशम का सिद्धांत : व्यंग्य कथा (शक्ति प्रकाश)

 एक दिन लगभग सोलह साल का ग्यारहवीं में पढ़ने वाला एक लड़का मेरे पास आया था. उसकी बड़ी बहन पिछले दो साल से दसवीं में अंग्रेजी में फेल हो रही थी और इस बार ... Read More...

अमरपाल सिंह ‘आयुष्कर’ की पांच लघुकथाएं

आकार में छोटी ही सही लेकिन बड़ी बातों की तरफ इशारा करतीं, चलती-फिरती जिंदगियों की टकराहटों से पनपतीं लघुकथाएं ..... बुके  अमरपाल सिंह 'आयुष्कर ' ... Read More...

कब्र का अजाब : लघु कथा (आरिफा एविस)

अब अम्मी जोया को क्या समझाती कि एक ख़ास उम्र के बाद लड़कियों में जिस्मानी बदलाव होता है जिसकी वजह से लड़कियां मस्जिद-मदरसों में नहीं जाया करतीं. औरतें तो... Read More...

डाका : कहानी (सुरेन्द्र रघुवंशी )

थोड़ी देर बाद डाकू पास ही स्थित हमारे घर के आँगन में थे। वे घर के भीतर घुसकर देख रहे थे। न कोई जन और न ही धन उन्हें वहां मिला।वे आँगन में इकठ्ठा होकर म... Read More...

साहित्य में स्त्री सर्जनात्मकता: ऐतिहासिक संदर्भ :आलेख (नमिता सिंह)

"स्त्री शिक्षा के लिये समर्पित रुकैया सखावत हुसैन का साहित्य में भी बड़ा योगदान है। वे उन प्रारंभिक महिलाओं में हैं जिन्होंने स्त्री विरोधी सामाजिक और ... Read More...