स्‍त्री मन के सूक्ष्म मनोभावों को परत दर परत खोलतीं कहानियां : अमृता ठाकुर

पंखुरी की कहानियां स्त्री विमर्श का हिस्सा हैं, इस बयान को हालांकि खारिज नहीं किया जा सकता, क्यों कि वे स्‍त्री मन के अत्यंत सूक्ष्म मनोभावों को परत द... Read More...

मैं क्यों पीछे रहूं…: लघुकथा (अनीता चौधरी)

"पार्वती आज तो तू सुबह से ही भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की लंबी उम्र की दुआ कर रही है |" तो वह तुरंत बोली, "अरे, बीबी जी तुमसे क्या छुपाना ! तुम्हें क्... Read More...

हिंदी उपन्यास, ‘परीक्षा गुरु’ समालोचनात्मक आलेख (आशीष जायसवाल)

हिंदी उपन्यास, ‘परीक्षा गुरु’ समालोचनात्मक आलेख (आशीष जायसवाल)  आशीष जयसवाल हिंदी उपन्यास की शुरुआत उसी युग में हुई जिसे हम आधुनिक युग या भारतेंदु ... Read More...

अब और नहीं: कहानी (फिरोज अख्तर)

चांद आज बहुत सुस्त लग रहा था। किसी की गोद में नहीं जा रहा था। आज ज्यादा ही छिरिया रहा था। मां की छाती से लगकर थोड़ी देर के लिए चुप हो जाता फिर रोने लगत... Read More...

एक चिनगारी घर को जला देती है: कहानी (तोलिस्तोय )

साहित्यिक संग्रह से 'तोल्सतोय' की कहानी ........ अनुवाद 'प्रेमचंद की' कलम से......|  एक चिनगारी घर को जला देती है  प्रमचंद -: अनुवाद - प्रेमचंद :-... Read More...

टिटवाल का कुत्ता: कहानी (सआदत हसन मंटो)

11 मई 1912 को पंजाब के समराला में जन्मे सआदत हसन मंटो उन विरले साहित्यकारों में शुमार हैं जिन्होंने महज़ कहानियों के बल पर ही वैश्विक पहचान हासिल की | ... Read More...

चौधरी ‘अमरीका’: कहानी (संदीप मील)

जबतक लेखन जैसी विधा या पद्धिति से हमारा साक्षात्कार भी नहीं हुआ था तब समाज को सांस्कृतिक रूप से बांधे रखने और रचनात्मक चेतना की संवाहक रही लोक-कथाओं क... Read More...

तेरे कप की चाय नहीं: कहानी (पंवार कौशल)

आधुनिक समाज में भी सदियों  से चली आ रहे  जातीय पुरुषवादी वर्चस्व को नकारते हुए, अपना अस्तित्व बनाए रखना किसी भी महिला के लिए आज भी उतना ही  मुश्किल है... Read More...
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गोपाल: कहानी (फ़िरोज अख्तर)

मानवीय चरित्र और उसकी संवेदनशीलता को एक पल के लिए झकझोर देने के साहस के साथ बेहद लघु आकार के बावजूद कितने बड़े और और अनसुलझे सवालों से मुठभेड़ के लिए वि... Read More...

मोहित बाबू का परिवार: कहानी (प्रेमकुमार मणि)

रोमान्टिज्म के साथ वैचारिक आरोहण वर्गीय चरित्र के उस केंचुल चढ़े सांप की तरह हो जाता है  जो  दलितों, पिछड़ों के सामाजिक और राजनैतिक उत्थान और मानव समानत... Read More...