धर्म: कहानी (सुशील कुमार भारद्वाज)

छोटी छोटी सामाजिक विषमताओं को रचनात्मकता के साथ लघुकथा के रूप में प्रस्तुत करने का कौशल है सुशील कुमार भारद्वाज की कलम में | धार्मिक संकीर्णताओं के ता... Read More...

…और फिर परिवार: कहानी (मज्कूर आलम)

मज़्कूर आलम की कहानी 'और फिर परिवार' एक बेहद मजबूर, बेबस और लाचार लड़की की त्रासदी लगी, जो खुद को विकल्पहीन महसूस कर आत्महत्या कर लेती है, लेकिन पुनर्प... Read More...

जिन दिनों: कहानी (संजीव चंदन)

दुनिया की प्रगतिशील चेतना के अग्रणी संवाहक वर्ग को केंद्र में रखकर बुनी गई 'संजीव चंदन' की यह कहानी आधुनिक समय और समाज का एक नया विमर्श रचती है | प्रस... Read More...

दलित विमर्श की वैचारिकी का घोषणा पत्र: समीक्षा (विनोद विश्वकर्मा)

"आजादी के लगभग 75 वर्षों बाद भी दलितों का मंदिर में प्रवेश, दलितों का देशभर में नंगा घुमाया जाना , दलित का छुआछूत के आधार पर बहिष्कार, दलितों की बेटी ... Read More...

अमृतसर टू कनेडा : लघुकहानी (अमिता महरौलिया)

‘‘मुंडा सिंगापुर दा है ओथे ही एक छोटा जिहालया होया है। मुंडा जाट्ट है, मैं देख लिया है तुसी बस हां करो जी!’’ मनप्रीत लस्सी का गिलास रखते बोली... ‘‘जी... Read More...

नौ साल छोटी पत्नी: कहानी (रविन्द्र कालिया)

हिंदी साहित्य में रवींद्र कालिया की ख्याति उपन्यासकार, कहानीकार  और संस्मरण लेखक के अलावा एक ऐसे बेहतरीन संपादक  के रूप में रही, जो मृतप्राय: पत्रिकाओ... Read More...

चकाचौंध, भौतिकवादी जीवन का स्याह पक्ष: समीक्षा

आज की मृगतृष्णा जीवन पद्धति में मानसिक एवं भावनात्मक असामंजस्य से नारकीय होते पारिवारिक जीवन से त्रस्त लोग आभासी दुनिया में सुख-शांति और जन्नत की तलाश... Read More...

‘उत्तमी की माँ’ एक विमर्श की माँग: आलेख (साक्षी)

पुरुषसत्तात्मक समाज में लड़की का नैतिकता पूर्ण आचरण व स्वयं को पुरुष के आनंद की वस्तु बनाना स्त्री की नियति है और ऐसा ही उसका मनोविज्ञान भी बनता है। स... Read More...

मउगा: कहानी (कमलेश)

हमारी परम्पराएं जाती धर्म ताकत सभी एक साथ प्यार पर पैहरा बैठाने के या प्यार का गला घोंट देने की कोशिश में इंसानों का ही खून बहाते रहे हैं | प्यार तो इ... Read More...

बिटिया बड़ी हो गयी: कहानी (डॉ0 नंदलाल भारती)

"नरोत्तम- मुसीबत के माहौल में पले-बढ़े। मेरी भी नौकरी का कोई भरोसा नही था, मैं जातीय अयोग्यता की वजह से उत्पीड़न का शिकार हो चुका था । अपने तो खैर कोई श... Read More...