उद्घाटन: कहानी (हनीफ मदार)

1 जनवरी 2015 को नव वर्ष के अवसर पर सफ़दर हाशमी को समर्पित कोवलेन्ट ग्रुप द्वारा आयोजित कार्यक्रम “तू ज़िंदा है, मैं ज़िंदा हूँ ” में इस कहानी ‘उद्घ... Read More...

कुंजड़-कसाई: कहानी (अनवर सुहैल)

अनवर सुहैल कुंजड़-कसाई ‘कुंजड़-कसाइयों को तमीज कहाँ… तमीज का ठेका तो तुम्हारे सैयदों ने जो ले रक्खा है?’ मुहम्मद लतीफ कुरैशी उर्फ एम... Read More...
तीन मुलाकातें: कहानी (डा0 नमिता सिंह)

तीन मुलाकातें: कहानी (डा0 नमिता सिंह)

     डा0 नमिता सिंह तीन मुलाकातें मेरी और मिताली की पहली मुलाकात देहरादून में हुई थी। वहाँ के गवर्नमेंट गर्ल्स कालेज में दो दिन की स... Read More...
गोदान: उपन्यास ‘भाग 1’ (प्रेमचंद)

गोदान: उपन्यास ‘भाग 1’ (प्रेमचंद)

गोदान (उपन्यास- भाग 1) होरीराम ने दोनों बैलों को सानी-पानी दे कर अपनी स्त्री धनिया से कहा – गोबर को ऊख गोड़ने भेज देना। मैं न जाने कब लौटूँ। ज... Read More...
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कामवाली की जाति: लघुकथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

सुशील कुमार भारद्वाज कामवाली की जाति गूगल से साभार सारिका बहुत परेशान थीं |घर के सारे काम खुद ही करने पड़ते थे | अंत में उ... Read More...
‘कबीर का मोहल्ला’ वाणी पकाशन पर उपलब्ध

कबीर का मोहल्ला: कहानी (मज़कूर आलम)

‘कबीर का मोहल्ला’ मजकूर आलम के कथा संग्रह की शीर्षक कहानी है | उनकी चिर-परचित शैली में उपस्थित यह कहानी समाज में गहरे धंसे विकृत मानवीय पूर्वाग्... Read More...

एक मामूली आदमी का इंटरव्यू

    एक मामूली आदमी का इंटरव्यू  अवधेश प्रीत वह एक मामूली आदमी थे। उतने ही मामूली, जितना कि कोई दो-चार बार भी देखे तो, उसमें ऐसा ... Read More...
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ओहदेवाले: लघुकथा (सुशील कुमार भारद्वाज)

सुशील कुमार भारद्वाज ओहदेवाले सुधा बहुत परेशान थी| घर में शादी की बात छिड़ने के बाद से बबाल मच गया था | अंत में उसे मौसी याद आयी| अक्... Read More...

स्‍त्री मन के सूक्ष्म मनोभावों को परत दर परत खोलतीं कहानियां: ‘कोई भी दिन’ ‘पंखुरी सिंहा’ :-

 पंखुरी की कहानियां स्त्री विमर्श का हिस्सा हैं, इस बयान को हालांकि खारिज नहीं किया जा सकता, क्यों कि वे स्‍त्री मन के अत्यंत सूक्ष्म मनोभावों क... Read More...