डॉ. मोहसिन ख़ान ‘तनहा’ की गज़लें: humrang

डॉ. मोहसिन ख़ान 'तनहा' की गज़लें  डा0 मोहसिन खान ‘तनहा 1-  ज़्यादा उड़िये मत वर्ना धर लिए जाएंगे। अब हौसलों के पंख कतर लिए जाएंगे। आजकल मौसम है ते... Read More...

‘सीमा आरिफ’ की पांच कवितायें: humrang

आभासी दुनिया में खोये युवाओं में ह्रास होती मानवीय संवेदना और प्रेम को तलाश करती 'सीमा आरिफ' की कवितायें |...... 1 -   सीमा आरिफ यह फेसबुक पर ... Read More...

समय से संवाद का पर्याय, ‘दिनभर दिन’: पुस्तक समीक्षा (नंदलाल भारती)

समय से संवाद का पर्याय, 'दिनभर दिन  नंदलाल भारती श्री चरणसिंह अमी एक समर्थ रचनाकार है। कविता कर्म को समर्पित इनकी दिनभर दिन पुस्तक आयी है । पुस्तक ... Read More...

यह चुप्पी: कविता (मज्कूर आलम)

यह कविता किसी कवि की कलम से नहीं निकली और न ही रचनाकार की कवि के रूप में कोई पहचान ही है तब निश्चित ही यह ऐसी अभिव्यक्ति है जो खुद शब्द ग्रहण करके बाह... Read More...

‘शिव प्रकाश त्रिपाठी’ की कविताएँ …

कम शब्दों में बहुत कुछ कहने और समझाने का प्रयास करती 'शिव प्रकाश त्रिपाठी' की कविताएँ .......  'शिव प्रकाश त्रिपाठी' की कविताएँ ...  शिवप्रकाश त्रि... Read More...

प्यार मेरा : एवं स्त्री: कविता (डॉ0 रज़िया बेग़म)

प्रेम गीत या प्रेम कविता भी आक्रान्ता, सामंती मानसिकता की प्रबल खिलाफत ही है इस लिए भी प्रेम कविताएँ लिखी और पढ़ी जानी चाहिए .....| 'डॉ० रज़िया' की कवित... Read More...

मेहनतकश के सीने में: कविता (अनवर सुहैल)

आप बीती जो जग में देखी..... कोयला खदान मजदूरों के बहाने दुनिया के मजदूरों की कुंठा, विषमता और बिडम्बना को खुद से गुजारकर शब्द देते कवि, लेखक 'अनवर सुह... Read More...

गद्दार कुत्ते: एवं अन्य कविताएँ (दामिनी यादव)

कविता से हमेशा ही सौन्दर्य टपके ऐसा नहीं होता बल्कि विचलन भी होता है जब कविताई बिम्ब हमें अपनी सामाजिक, राजनैतिक स्थितियों के विकृत हालातों के रूप में... Read More...

सरकारी कलाभवन और तलाक शुदा औरतें: कविताएँ (पंखुरी सिन्हा)

(पंखुरी सिन्हा की कविताओं में कवि की सोच और संवेदना मुखर होकर प्रकट होती है. स्त्री-विमर्श के नये आयाम खुलते हैं. खासकर सरकारी कलाभवन वाली कविता तो ज़ब... Read More...

मैं नमाज़ नहीं पढ़ूँगा: कविता (क़ैस जौनपुरी)

भूख, मुफलिसी, वेवशी जैसे शब्दों से गुजरना और यथार्थ रूप में इन परिस्थितियों से गुजरने में एक बड़ा फासला है जिसे शायद असंख्य किताबों से गुज़र कर भी धरातल... Read More...