मैं नमाज़ नहीं पढ़ूँगा: कविता (क़ैस जौनपुरी)

भूख, मुफलिसी, वेवशी जैसे शब्दों से गुजरना और यथार्थ रूप में इन परिस्थितियों से गुजरने में एक बड़ा फासला है जिसे शायद असंख्य किताबों से गुज़र कर भी धरातल... Read More...

दिल के खोह से बाहर आओ प्रेम: कवितायेँ (निवेदिता)

'क्या जुल्मतों के दौर में भी गीत गाये जायेंगे....... हाँ जुल्मतों के दौर में ही गीत गाये जायेंगे' ..... प्रेम गीत, जिसका हर शब्द इंसानियत के भीतर संवे... Read More...

ख़तरे में इस्लाम नहीं: एवं अन्य, ‘हबीब ज़ालिब’ की ग़ज़लें

सदियों के रूप में गुजरते समय और देशों के रूप में धरती के हर हिस्से याने दुनिया भर में लेखकों कलाकारों ने सच बयानी की कीमत न केवल शारीरिक, मानसिक संत्र... Read More...

इश्क़ वाला दिन: एवं अन्य कवितायेँ (सीमा आरिफ)

बाज़ारी प्रोपेगंडों से दूर इंसानी ह्रदय में स्पंदन करतीं मानवीय संवेदनाओं में प्रेम की तलाश करतीं 'सीमा आरिफ' की कवितायेँ .. इश्क़ वाला दिन इस मुहब्बत... Read More...

उसका प्रेमी: एवं अन्य कवितायेँ (प्रेमा झा)

कविता के अंतर्मन में झांकते शब्दों से प्रेम को परिभाषित करतीं 'प्रेमा झा' की कविताएँ ......| उसका प्रेमी  प्रेमा झा तस्वीर का आगाज़ जाने कब हुआ ... Read More...

क़ातिल जब मसीहा है: एवं अन्य कवितायेँ

जिंदगी के कई जीवंत पहलुओं से सीधे रूबरू करातीं 'शहनाज़ इमरानी' की कविताएँ ..... क़ातिल जब मसीहा है  शहनाज़ इमरानी सिर्फ़ लात ही तो मारी है भूखा ही ... Read More...

किसी ईश्वर की तरह नहीं: एवं अन्य कवितायेँ (विमलेश त्रिपाठी)

मानवीय प्रेम को रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रदान करतीं 'विमलेश त्रिपाठी' की तीं कविताएँ ..... किसी ईश्वर की तरह नहीं  विमलेश त्रिपाठी मेरी देह में सूर... Read More...

प्रेम, एवं अन्य कवितायें (सुरेन्द्र रघुवंशी)

सामाजिक, राजनैतिक संकीर्णताओं के खतरनाक थपेड़ों से सदियों से जूझती आती प्रेम की अविरल धार को परिभाषित करते हुए उस सामाज के जटिल ताने-बाने में दूध और पा... Read More...

बे-सिर-पैर की बातें : कवितायें (सौरभ शेखर)

सौरभ शेखर की कवितायें समाज के वह प्रतिबिम्ब हैं जो समय के साथ चलते हुए अक्सर ही छोटी-बड़ी घटना, विचार और व्यक्तित्व के रूप में सामने आते हैं इन विभिन्न... Read More...

नीलाम्बुज की ग़ज़लें:

नीलाम्बुज ग़ज़ल और कवितायें सामान रूप से लिख रहे हैं | आपकी न केबल ग़ज़लें बल्कि कविताओं में भी राजनैतिक प्रभाव में बनती बिगड़ती सामाजिक मानवीय अमानवीय तस्... Read More...