तारकोल की सड़क पर : कविता (अनुपम त्रिपाठी)

युवा छात्र, संस्कृत कर्मियों की बनती यह सामाजिक दृष्टि अपने दौर की एक सुखद छाँव की अनिभूति से भर देती है, कुछ यही एहसास कराती हिन्दू कॉलेज में बी.ए.(आ... Read More...

यादें.. एवं अन्य कवितायें : निवेदिता

जीवन के एकांत, भावुकताओं, टूटते बिखरते और फिर-फिर जुड़ते मानवीय दर्प के बीच से धड़कती संवेदनाओं के साथ गुज़रती हैं 'निवेदिता' की कवितायें | भावुक प्रेमिक... Read More...

जरूर देखा है : गजलें (दिलशाद सैदानपुरी)

रंग मंच कि दुनिया में प्रवेश करने से पहले आपने ‘दिलशाद सैदानपुरी’ के नाम से गज़लें लिखना शुरू किया और यह लेखन का सफ़र आज भी जारी है | हमरंग के मंच से कु... Read More...

अँधेरे की पाज़ेब: एवं अन्य कविताएँ (निदा नबाज़)

अतीत के गहरे जख्मों से रिसते दर्द पर भविष्य के सुखद मानवीय क्षणों का मरहम रखती, 'निदा नवाज़' की कविताएँ......|  अँधेरे की पाज़ेब निदा नबाज़ अँधेर... Read More...

ज़ुल्म के गलियारों में : एवं अन्य कविताएँ (सीमा आरिफ)

वर्तमान के सामाजिक, राजनैतिक तंग हालातों के बीच भविष्य के मानवीय खतरों को देखने का प्रयास करती 'सीमा आरिफ़' की लेखकीय सामाजिक सरोकारी प्रतिबद्धता उनकी ... Read More...

हाइकू : (अमन सिंह ‘चांदपुरी’)

युवा कलमकार 'अमन चांदपुरी' की कुछ 'हाइकू' रचनाएं हमरंग के माद्ध्य्म से हाइकू मर्मज्ञों के समक्ष ..... आपकी टिप्पणी की अपेक्षा ....| हाइकू अमन सिं... Read More...

‘सुदीप सोहनी ‘नीह्सो’ की शीर्षक विहीन कविताएँ-

प्रेम एक लय है प्रकृति की, जीवन की और साँसों की, निश्चित ही उसे शब्दों में बाँध पाना आसान नहीं है बावजूद इसके दुनिया का यह खूबसूरत एहसास, मानव अभिव्यक... Read More...

इंसानियत, एवं अन्य कविताएँ (प्रेमा झा)

कुछ व्याकुल सवालों के साथ इंसानों की बस्ती में इंसानियत और प्रेम को खोजतीं 'प्रेमा झा की कवितायें ..... इंसानियत प्रेमा झा तुमने मुझे प्यार किया... Read More...

जब उम्मीदें मरती हैं: एवं अन्य कविताएँ (संध्या नवोदिता)

धूसर एकांत में समय से टकराती मानवीय व्याकुलता से टूटते दर्प और निरीह वीरान में सहमी खड़ी इंसानियत के अवशेषों के साथ चलती जिन्दगी की कल्पना बेहद खतरनाक ... Read More...

दुनिया का सबसे गरीब आदमी: कविताएँ (चंद्रकांत देवताले)

देवताले जी की कविताओं में नैतिकता व मनुष्यता का उजास दिखाई देता है साथ ही एक विरूद्ध होते संसार में रहने का सच भी ऊजागर होता है। ऐसे ही उम्मीद के कवि ... Read More...