आयेंगे अमरीका से अच्छे दिन एवं अन्य कवितायें, विमल कुमार

प्रतीकों के गहरे संदर्भों के साथ गहन गंभीरता के साथ आती आधुनिक कविता में 'विमल कुमार की कवितायें एक अतरिक्त खिंचाव के साथ आती हैं | सहज सरल शब्दों में... Read More...

वो औरत : कविता (अशोक तिवारी)

स्त्री जीवन के क्षणिक, स्थाई, सामाजिक, राजनैतिक, पारिवारिक विभिन्न रूप स्वरूप, कुंठा अवसाद प्रेम आलाप के आरोह अवरोह से गुजरते हुए उसके अनेक पहलुओं का ... Read More...

स्थिति नियंत्रण में है एवं अन्य कवितायें, शहनाज़ इमरानी

अनचाहे गहराते अंधेरों में व्याप्त सन्नाटे को अपने रचना शब्दों से तोड़ने का प्रयास करती "शहनाज़ इमरानी की कविता .....| - संपादक  स्थिति नियंत्रण में है ... Read More...

एक जोड़ा झपकती हुई आँखें : कविता (पद्मनाभ गौतम)

हमरंग का संपादकीय आलेख 'विचलन भी है जरुरी ' को पढ़ते हुए 'पद्मनाभ गौतम' को यह अपना भोगा हुआ यथार्थ लगा | और सहज ही उनकी कलम से यह कविता आलेख पर टिपण्णी... Read More...

जिस्म ही नहीं हूँ मैं : कविता (संध्या नवोदिता)

कविता के रूप में आकार लेती आधुनिक स्त्री जो लवरेज है अपने समय के ज़िंदा सवालों से, जो ढहा चुकी है सामाजिक रुढियों के मानवीय अंतर के किले को,.... खड़ी हो... Read More...

हाशिये पे खडे़ लोग : कवितायें (लतिका बत्रा)

कविता अभिव्यक्ति का वह आलोड़न है जो सहज ही व्यक्तिगत स्पन्दनों को समष्टिगत भावों की ओर अग्रसर कर देता है । ह्रदय स्पंदन से फूटती मानवीय अभिव्यक्ति, सा... Read More...

लिखो ‘बसंत’ : कविता (के पी अनमोल)

अपने दौर की चिंता चुनौतियां हमेशा ही साहित्य सर्जकों के चित्त में शामिल रहे हैं | अपने समय से मुठभेड़ करती 'के पी अनमोल' की कविता .....| - संपादक   ... Read More...

तारकोल की सड़क पर : कविता (अनुपम त्रिपाठी)

युवा छात्र, संस्कृत कर्मियों की बनती यह सामाजिक दृष्टि अपने दौर की एक सुखद छाँव की अनिभूति से भर देती है, कुछ यही एहसास कराती हिन्दू कॉलेज में बी.ए.(आ... Read More...

यादें.. एवं अन्य कवितायें : निवेदिता

जीवन के एकांत, भावुकताओं, टूटते बिखरते और फिर-फिर जुड़ते मानवीय दर्प के बीच से धड़कती संवेदनाओं के साथ गुज़रती हैं 'निवेदिता' की कवितायें | भावुक प्रेमिक... Read More...

जरूर देखा है : गजलें (दिलशाद सैदानपुरी)

रंग मंच कि दुनिया में प्रवेश करने से पहले आपने ‘दिलशाद सैदानपुरी’ के नाम से गज़लें लिखना शुरू किया और यह लेखन का सफ़र आज भी जारी है | हमरंग के मंच से कु... Read More...