एक अकेली स्त्री से मिलकर, एवं अन्य कविताएँ (डॉ० रंजना जयसवाल)

विवशता, कोमलता, आक्रान्त एवं संवेदनात्मक स्पंदन जैसे सूक्ष्म प्राकृतिक रूपों में प्रत्यक्ष स्त्री के मानसिक, दैहिक और वैचारिक मनोभावों को खोजने और समझ... Read More...

‘डॉ. राकेश जोशी’ की ग़ज़लें:

डॉ. राकेश जोशी की ग़ज़लों को दुष्यंत कुमार की परंपरा को आगे बढ़ाने वाली ग़ज़लें माना जाता है. उनकी ग़ज़लों में आम-जन की पीड़ा एवं संघर्ष को सशक्त अभिव... Read More...

क्रोध का प्रबंधन, एवं अन्य कविता (रूपाली सिन्हा)

वक्ती हालातों, ज़ज्बातों और संवेदनाओं को शब्दों के सहारे कविता में पिरोने का सार्थक प्रयास करतीं 'रूपाली सिन्हा' की दो कविताएँ .......| - संपादक  क्रो... Read More...

परले ज़माने का राजा: कविता (सूरज बडात्या)

हिंदी कविता में प्रखर राजनितिक चेतना और वैज्ञानिक सोच के धनी सूरज बडत्या की कवितायें समय-सापेक्ष हैं और हस्तक्षेप करती हैं अपने समय की चुनौतियों से---... Read More...

अनीता चौधरी की तीन कविताएँ….

इंसान के दुनिया में आने के साथ ही प्रेम दुनिया में आया और भाषा के बनने के साथ ही प्रेम की रचनात्मक अभिव्यक्ति कविता भी किन्तु साहित्य में कविताई प्रेम... Read More...

‘मायामृग’ की दो कविताएँ….

 'मायामृग' की दो कविताएँ.... ठहरी हुई आवाज़ें  मायामृग कुआं नींद में है नहीं लौटेंगी तुम्‍हारी अावाज़ें स्‍वरभक्षी नहीं है कुआं पर दीवारों की द... Read More...

मंडी हाउस में एक शाम: एवं अन्य कविताएँ (अंकिता पंवार)

कविता प्रेम है, प्रकृति है, सौन्दर्य है और सबसे ऊपर एक माध्यम है खुद के प्रतीक बिम्बों में समाज के धूसर यथार्थ को उकेरने का | जैसे खुद से बतियाते हुए ... Read More...

एक मोर्चा एवं अन्य कवितायें : जिजीविषा रजनी

शब्द और संवेदनाओं के सम्मलित एहसास से गुथी जिजीविषा रजनी की कविताएँ सहज ही मानवीय अन्तःकरण में इंसानी उद्वेग को झकझोरती सी प्रतीत होती हैं | जैसे खड़े ... Read More...