“हमरंग” की टीम से एक खुशनुमा भेंट: (सीमा आरिफ)

हमरंग पर देश भर के कई लेखकों से ‘हमरंग’ का साहित्यिक, वैचारिक मूल्यांकन करती टिपण्णी (लेख) हमें प्राप्त हुए हैं जो बिना किसी काट-छांट के, हर चौथे या प... Read More...

प्रेमचंद एक पुनर्पाठ, के संदर्भ में एक टिपण्णी: (डॉ. मोहसिन ख़ान ‘तनहा)

“हमरंग” के संपादकीय आलेख ‘प्रेमचंद एक पुनर्पाठ‘ के संदर्भ में साहित्यकार डॉ. मोहसिन ख़ान ‘तनहा की एक बड़ी टिपण्णी …&... Read More...

‘पहचान’ पर एक ख़त: (अनवर सुहैल)

'अनवर सुहैल' के उपन्यास "पहचान" पर 'पाखी' ने किन्ही धर्मव्रत चौधरी की समीक्षा छापी थी..जिसमे उपन्यास की विषयवस्तु और लेखक के औचित्य पर सवाल उठाया गया ... Read More...

साहित्यिक वैचारिकी को आगे बढ़ाने का सगल, ‘हमरंग’: (डॉ. मोहसिन ख़ान ‘तनहा’)

हमरंग के दो वर्ष पूरा होने पर देश भर के कई लेखकों से ‘हमरंग’ का साहित्यिक, वैचारिक मूल्यांकन करती टिपण्णी (लेख) हमें प्राप्त हुए हैं जो बिना किसी काट-... Read More...
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‘हमरंग’ की निरंतरता आश्वस्त करती है ! (प्रो0 विजय शर्मा)

हमरंग का एक वर्ष पूरा होने पर देश भर के कई लेखकों से ‘हमरंग’ का साहित्यिक, वैचारिक मूल्यांकन करती टिपण्णी (लेख) हमें प्राप्त हुए हैं जो बिना किसी काट-... Read More...

यह बेशर्म हमला हमारी सांस्कृतिक विरासत पर हमला है:

यह बेशर्म हमला हमारी सांस्कृतिक विरासत पर हमला है:   हम इलाहाबाद के नागरिक, लेखक, संस्कृतिकर्मी पिछले दिनों इंदौर में इप्टा के राष्ट्रीय सम्मेलन के द... Read More...
वाया बनारस अर्थात् फिसल पड़े तो हर गंगे- भाग 2: यात्रा वृत्तांत (पद्मनाभ गौतम)

निरुद्देश्य कुछ नहीं होता: विवेचन “HUMRANG”

हमरंग का एक वर्ष पूरा होने पर देश भर के कई लेखकों से ‘हमरंग’ का साहित्यिक, वैचारिक मूल्यांकन करती टिपण्णी (लेख) हमें प्राप्त हुए हैं जो बिना किस... Read More...
आश्वस्त करती है !: (डा० विजय शर्मा) हमरंग का एक वर्ष पूरा होने पर देश भर के कई लेखकों से ‘हमरंग’ का साहित्यिक, वैचारिक मूल्यांकन करती टिपण्णी (लेख) हमें प्राप्त हुए हैं जो बिना किसी काट-छांट के, हर चौथे या पांचवें दिन प्रकाशित होंगे | हमारे इस प्रयास को लेकर हो सकता है आपकी भी कोई दृष्टि बनी हो तो नि-संकोच आप … सीमा आरिफ़ जन्म-10 दिसम्बर 1986 उत्तर प्रदेश ( ज़िला बिजनौर) जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली से इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं जर्नलिज्म में डिप्लोमा PSBT की डॉक्यूमेंट्री फिल्म -"There is something in the Air" में अभिनय ( फिल्म 2011 में केरल फिल्म और कोरियन फिल्म फेस्टिवल द्वारा राष्ट्रीय फिल्म पुस्कार से सम्मानित) तीन वर्ष तक नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में लेखन विभिन्न मैगज़ीन,न्यूज़ पेपर्,पोर्टल में लेखक के रूप में सक्रीय टिप्पणियां 10 months ago 2 “हमरंग” की टीम से एक खुशनुमा भेंट: (सीमा आरिफ़)

“हमरंग” की टीम से एक खुशनुमा भेंट: (सीमा आरिफ़)

हमरंग का एक वर्ष पूरा होने पर देश भर के कई लेखकों से ‘हमरंग’ का साहित्यिक, वैचारिक मूल्यांकन करती टिपण्णी (लेख) हमें प्राप्त हुए हैं जो बिना किस... Read More...
किसने बिगाड़ा मुझे: आत्मकथ्य (डा० विजय शर्मा)

‘हमरंग’ की निरंतरता आश्वस्त करती है !: (डा० विजय शर्मा)

हमरंग का एक वर्ष पूरा होने पर देश भर के कई लेखकों से ‘हमरंग’ का साहित्यिक, वैचारिक मूल्यांकन करती टिपण्णी (लेख) हमें प्राप्त हुए हैं जो बिना क... Read More...

संपादक न तो सोया है और न ही सोने की कोशिश कर रहा है: (सुशील कुमार भारद्वाज)

हमरंग का एक वर्ष पूरा होने पर देश भर के कई लेखकों से ‘हमरंग’ का साहित्यिक, वैचारिक मूल्यांकन करती टिपण्णी (लेख) हमें प्राप्त हुए हैं जो बिना क... Read More...