रमणिका फांउडेशन और दलित लेखक संघ की काव्य-गोष्ठी: रिपोर्ट (सुमन कुमारी)

प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को रमणिका फांउडेशन और भारतीय दलित लेखक  संघ के संयुक्त तत्वाधान में काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में हर ब... Read More...

जश्न-ए-रेख्ता 2016: रिपोर्ट (सीमा आरिफ)

जश्न-ए-रेख्ता जलसे का आयोजन पिछले दो सालों से दिल्ली में किया जा रहा है.इस बार इस कार्यक्रम का आयोजन 12-14 फरवरी २०१६ को इंदिरा गांधी राष्टीय कला केंद... Read More...

सुसाइड नोट: ‘बस मरना ही हमारे हिस्से है.. (विनय सुल्तान)

सुसाइड नोट: ‘बस मरना ही हमारे हिस्से है.. साभार गूगल (तीसरी क़िस्त) हमारे जेहन में हर शब्द के साथ एक या अधिक छवियां जुड़ी होती हैं. मसलन बुंदेलखंड नाम ... Read More...

‘किताबों के प्रति दीवानगी’ पटना पुस्तक मेला 2015: (रविशंकर)

एक ऐसे समय में जब चारों तरफ़ बाज़ार का शोर अपने चरम पर है, और एक से बढकर एक मंहगी और विलासी चीज़ों का प्रलोभन दे, लोगों के मन पर हमले कर रहा है ! शहर के ... Read More...

विज्ञान और कला का समागम, विज्ञान प्रदर्शनी: रिपोर्ट (अनिता)

"अब मैं उस बच्चे के प्रोजेक्ट के पास खडी थी जिसका नाम था “जीवन में गणित की भूमिका” (role of  mathemathics in life ) मेरे बिना पूछे ही इन छात्रों ने अप... Read More...

नवउदारवादी भूमण्‍डलीकरण के दौर में मज़दूर संगठन के नये रूप: (प्रो. इमैनुएल नेस )

लखनऊ, 19 जुलाई। यूपी प्रेस क्‍लब में प्रो. एमैनुएल नेस ने 'नवउदारवादी भूमण्‍डलीकरण के दौर में मज़दूर वर्ग के संगठन के नये रूप' विषय पर एक व्‍याख्‍यान द... Read More...
सुसाइड नोट: हाँ यह सच है, लोग गश खा कर गिर रहे हैं….(विनय सुल्तान)

सुसाइड नोट: हाँ यह सच है, लोग गश खा कर गिर रहे हैं….(विनय सुल्तान)

2-3 और 14-15 मार्च को हुई बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि के बाद देश-भर से किसानों की आत्महत्या की खबरें आने लगी. praxis के साथी पत्रकार विनय सुल्तान... Read More...
सुसाइड नोट: ‘बस मरना ही हमारे हिस्से है..’ (विनय सुल्तान)

सुसाइड नोट: ‘बस मरना ही हमारे हिस्से है..’ (विनय सुल्तान)

कब्रगाह बनते खेतों से ‘विनय सुल्तान’ कि डायरी…. से ..तीसरी क़िस्त  “युद्ध का वर्णन सरल होता है. कुछ लोग युद्ध करते हैं. शेष उनका साथ देते हैं. क... Read More...
‘किताबों के प्रति दीवानगी’ पटना पुस्तक मेला 2015: (रविशंकर)

‘किताबों के प्रति दीवानगी’ पटना पुस्तक मेला 2015: (रविशंकर)

एक ऐसे समय में जब चारों तरफ़ बाज़ार का शोर अपने चरम पर है, और एक से बढकर एक मंहगी और विलासी चीज़ों का प्रलोभन दे, लोगों के मन पर हमले कर रहा है ! श... Read More...
विज्ञान और कला का समागम, विज्ञान प्रदर्शनी: रिपोर्ट (अनिता)

विज्ञान और कला का समागम, विज्ञान प्रदर्शनी: रिपोर्ट (अनिता)

“अब मैं उस बच्चे के प्रोजेक्ट के पास खडी थी जिसका नाम था “जीवन में गणित की भूमिका” (role of  mathemathics in life ) मेरे बिना पूछे ही इन छात्रों... Read More...