हमारे समय में कविता: रिपोर्ट (अन्तरिक्ष शर्मा)

हर वर्ष की भांति एक जनवरी २०१६ को कोवैलैंट ग्रुप ने अपना स्थापना दिवस अनूठे तथा रचनात्मक ढंग से उन युवा और किशोर प्रतिभाओं के साथ  मनाया |जिनकी सामाजि... Read More...

शेक्सपीयर मन के रचनाकार हैं: एक रिपोर्ट, (राजन कुमार सिंह)

शेक्सपियर ऐसे नाटककार थे जिन्हें आलोचकों ने भी माना कि वो वाकई में महान थे। अदृश्य को जानने की शक्ति कलाकार को महान बनाती है। वे अपने नाटकों के चरित्र... Read More...

रचनात्मक हस्तक्षेप का ‘जुटान’: रिपोर्ट (मज्कूर आलम)

रचनात्मक हस्तक्षेप का 'जुटान'  मज्कूर आलम 25 अप्रैल को नई दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान के सभागार में साहित्यिक संस्था ‘जुटान’ का पहला राष्ट्रीय... Read More...

रमणिका फांउडेशन और दलित लेखक संघ की काव्य-गोष्ठी: रिपोर्ट (सुमन कुमारी)

प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को रमणिका फांउडेशन और भारतीय दलित लेखक  संघ के संयुक्त तत्वाधान में काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में हर ब... Read More...

जश्न-ए-रेख्ता 2016: रिपोर्ट (सीमा आरिफ)

जश्न-ए-रेख्ता जलसे का आयोजन पिछले दो सालों से दिल्ली में किया जा रहा है.इस बार इस कार्यक्रम का आयोजन 12-14 फरवरी २०१६ को इंदिरा गांधी राष्टीय कला केंद... Read More...

शम्भू मित्र ने रंगमंच में आधुनिक युग का प्रारंभ किया, अनीश अंकुर

शम्भू मित्र ने रंगमंच में आधुनिक युग का प्रारंभ किया अनीश अंकुर "शम्भू मित्र ने आम लोगों के दुःख-दर्द को तो अभियक्त किया ही लेकिन उनके द्वारा निर्द... Read More...

शो मस्ट गो ऑन, ‘सुखिया मर गया भूख से’: रिपोर्ट (अनीता चौधरी)

शो मस्ट गो ऑन, 'सुखिया मर गया भूख से' अनीता चौधरी शौकिया रंगमंच का विस्तार हो रहा है! पर वो अपने आप को संकटग्रस्त पाता है। वजह।?...उसे कम खर्च और स... Read More...

”रवीन्द्र के. दास का एकल कविता-पाठ”

''रवीन्द्र के. दास का एकल कविता-पाठ'' साभार गूगल 'स्त्रीवादी भजन'' पाँच मर्दों ने मिलकर स्त्रीवादी भजन गाए दर्शकों में बैठी स्त्रियाँ मुस्कु... Read More...

विभिन्न सुर-ताल से सजी कविताएं: रिपोर्ट (सुमन कुमारी)

‘ताजमहल’ कविता में मजदूरों के दर्द, पीड़ा और उनकी दुर्दशा पर मुख्य रूप से बात की गई है। लोक प्रचलित धारणा से हटकर कवयित्राी यहां अपने दृष्टिकोण को विस्... Read More...

चुप रहना कविता का धर्मः डॉ0 रामवचन राय

 साहित्यिक गतिविधियों के अंतर्गत पटना से 'प्रभात सरसिज' के काव्य संग्रह ‘लोकराग‘ के लोकार्पण पर 'अरुण नारायण' की रिपोर्ट ......| चुप रहना कविता का ... Read More...