जो डूबा सो हुआ पार…: आलेख (अनीता मिश्रा)

''क़ैद बन जाए मुहब्बत तो मुहब्बत से निकल'', या ''ज़न्नत एक और हैं, जो मर्द के पहलू में नहीं..'' आमतौर पर लोग प्रेम के मायने बंधना या बांधना समझते हैं। ... Read More...

जीव अनन्त है, मात्र जीवनकाल ही सीमित है: “ए० के० हंगल”

अविभाजित भारत के सियालकोट (जो कि अब पाकिस्तान में है) में साल 1917 में जन्मे अवतार विनीत कृष्ण हंगल उर्फ ए. के. हंगल की शुरूआती जिंदगी, काफी हंगामेदार... Read More...

कृश्न चंदर: कड़वी हकीकत का सच्चा अफसानानिगार (जाहिद खान)

"24 नवम्बर, 1914 को अविभाजित भारत के वजीराबाद, जिला गूजरांवाला में जन्मे कृश्न चंदर ने 1936 से ही उन्होंने लिखना शुरू कर दिया था। शफीक अहमद, जो उर्दू ... Read More...

भिखारी ठाकुर, उत्सुकता की अगली सीढ़ी: आलेख (अनीश अंकुर)

बिहार के सांस्कृतिक निर्माताओं में गौरवस्तंभ माने जाने वाले 'भिखारी ठाकुर' पर पिछले कुछ वर्षों कई पुस्तकें निकलीं, शोध हुए एवं कई अभी भी जारी है।  इसी... Read More...

बाबा नागार्जुन’ सा कोई नहीं: आलेख (सूरज प्रकाश)

बिहार के धधकते खेत-खलिहानों के खेत-मजदूरों के दर्द को अपनी कविताओं से बुलंद आवाज़ देने वाले जनकवि “बाबा नागर्जुन” का व्यक्तित्व महज़ कविता लेखन तक ही सी... Read More...

सांस्कृतिक मसलों पर राजनीतिक पक्षधरता: आलेख (अनीश अंकुर)

विश्वविख्यात सांस्कृतिक चिंतक अर्डाेनो कहते हैं ‘‘ संस्कृति के सवाल अंततः प्रशासनिक प्रश्न होते हैं ।’’ खास सियासी पक्षधरता वाले संस्कृतिकर्मी अपनी रा... Read More...

सोशल मीडिया का दिशा प्रवाह….! आलेख (सीमा आरिफ)

सोशल मीडिया,विकी,पॉडकास्ट,वेबब्लॉग,मिक्रोब्लॉगिंग जैसे टूल्स ने लोगो के ज्ञान प्राप्ति के माध्यमों को एक ऐसा मंच प्रदान किया जहाँ एक क्लिक से पूरी दुन... Read More...

सज्जाद ज़हीर: तरक्कीपसंद तहरीक के रूहेरवां: आलेख (जाहिद खान)

"मेरी यह छोटी सी किताब प्रगतिशील आंदोलन से जुड़े उन तमाम कलमकारों, फनकारों, और संस्कृतिकर्मियों के नाम, जिन्होंने अपने लेखन और कला से कभी समझौता नहीं क... Read More...

विद्यार्थी को पतन की ओर ले जाती माता पिता की महत्वाकांक्षा: आलेख (पंकज प्रखर)

आज खुशहली के मायने बदल रहे है अभिभावक अपने बच्चे को हर क्षेत्र में अव्वल देखने व सामाजिक दिखावे के चलते उन्हें मार्ग से भटका रहे है। एक प्रतिशत के लिए... Read More...

सारे दृश्य बदल रहे हैं….: आलेख (नीलाभ अश्क़)

युवा कविता का समालोचना के साथ जायजा लेने का प्रयास कर रहे हैं नीलाभ अश्क | उनकी इस अंतर्दृष्टिय कविता यात्रा में कविता के स्वरुप, सम्प्रेषण, संवेदनशील... Read More...