स्त्री आंदोलन-इतिहास और वर्तमान: आलेख (डॉ0 नमिता सिंह)

"आदिम समाज से लेकर कबीले या गण समूहों में मातृसत्तात्मक समाज ही था और वंश अथवा संतान की पहचान माता के रूप में होती थी। आदिम समाज के स्वच्छंद यौन संबंध... Read More...

भगत सिंह से एक मुलाकात: आलेख (स्व० डा० कुंवरपाल सिंह)

कितने शर्म की बात है, देश के 30 करोड़ लोग आधे पेट सोते हैं। कैसी विडंबना है-दुनिया के 20 अमीर लोगों में तीन हिन्दुस्तानी हैं और दूसरी ओर योरोप के कई द... Read More...

मीठा कुनैन नहीं स्त्री विमर्श: आलेख (ज्योति कुमारी)

‘‘पुरुष भी विचित्र है। वह अपने छोटे से सुख के लिए स्त्री को बड़ा से बड़ा दुख दे डालता है और ऐसी निश्चिंतता से, मानो वह स्त्री को उसका प्राप्य ही दे रहा ... Read More...
66%

‘विभीषण’ केवल ‘घर का भेदिया’…? आलेख (अभिषेक प्रकाश)

आज हम देख सकते हैं कि लोकतंत्र के तीनों स्तंभ किस तरह  चाटुकारिता, स्वार्थलोलुपता व परिवारवाद  के शिकार है।बहुत कम लोग ऐसे हैं जो सच बोलने का साहस रखत... Read More...

हलाला निकाह: एक वैध वेश्या-वृत्ति: आलेख (हुश्न तवस्सुम निहाँ)

"कहा जाता है कि शरीयतन स्त्री को इस्लाम में तमाम अधिकार दिए गए हैं। ऐसा वास्तव में है भी किंतु ये अधिकार कभी अमल में लाते हुए दिखाई दिए नहीं। अर्थात य... Read More...

दलित आन्दोलन को अस्मितावादी कहना एक बड़ा ही विरोधाभास: आलेख

जिस तरह भारत की आज़ादी की तहरीक सिर्फ भारतीय पहचान के लिए आन्दोलन नही थी .यह उपनिवेशवाद के खिलाफ , शोषण उत्पीडन के खिलाफ आन्दोलन था .इसी तरह दलित बहुजन... Read More...

खुदा-ए-सुखन, ‘मीर-तकी-मीर: आलेख (एस तौहीद शहबाज़)

यह बात याद रखने योग्य है कि हिन्दी और उर्दू भाषा के निर्माण के इतिहास में अठाहरवीं शताब्दी, जो मीर की शताब्दी है, सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है। उस समय तक... Read More...

शार्लिट ब्रॉन्टी: आज की स्त्री : आलेख (प्रो० विजय शर्मा)

खासकर साहित्य के संदर्भ में, अभिव्यक्ति में स्त्री स्वर तब से शामिल हो रहे थे जब स्त्रियों का लिखना तो दूर शिक्षा प्राप्त करना भी सामाजिक अपराध था | द... Read More...
89%

एफ जी एम / सी यानि ‘योनि’ पर पहरा: आलेख (नीलिमा चौहान)

स्त्री  के बाहरी यौनांग यानि भग्नासा को स्त्री देह के एक गैरजरूरी , मेस्क्यूलिन और बदसूरत अंग के रूप में देखने की बीमार मानसिकता  का असल यह है कि पितृ... Read More...

महाश्वेता देवी का जीवन और साहित्य: आलेख (कृपाशंकर चौबे)

महाश्वेता देवी को याद करते हुए 'कृपाशंकर चौबे' का आलेख ........ "संघर्ष के इन दिनों ने ही लेखिका महाश्वेता को भी तैयार किया। उस दौरान उन्होंने खूब रच... Read More...