मुल्ला जी की गाय : व्यंग्य (अनीता मिश्रा)

टुन्ना पंडित को ये समस्या राम मंदिर जैसी बड़ी पेचीदा समस्या लगी इसलिए तत्काल एक पुड़िया निकाली.. मुहं में डाल कर बोले..मुल्ला जी समस्या बहुत कठिन है, वो... Read More...

भोलाराम का जीव: व्यंग्य (हरिशंकर परसाई)

यमदूत हाथ जोड़ कर बोला - "दयानिधान, मैं कैसे बतलाऊं कि क्या हो गया. आज तक मैंने धोखा नहीं खाया था, पर भोलाराम का जीव मुझे चकमा दे गया. पाँच दिन पहले ज... Read More...

पुल गिरा है कोई पहाड़ नहीं : व्यंग्य (आरिफा एविस)

सरकार तो आती जाती है आज ये है कल वो थी. लेकिन देश का विकास कभी नहीं रुकता क्योंकि सरकार और कम्पनी में अच्छा गठजोड़ है. ये तो देश की सेवा या लोगों की से... Read More...

अतुल्य भारत की अतुल्य तस्वीर : व्यंग्य (विवेक दत्त मथुरिया)

जब कोई शख्य किसी भी अतुल्यता के अतुल्य सच को कहने की जुर्रत करता है तो अतुल्य सहिष्णुता अतुल्य असहिष्णुता में तब्दील हो जाती है। अगर आज कबीर दास कुछ क... Read More...

दुलारी बाई @ एमए इन हिंदी: व्यंग्य (डॉ० कर्मानंद आर्य)

"फारवर्ड ब्लाक आजकल एक दूसरे का कान फोड़ रहे हैं. गरिया रहे हैं अपने पूर्वजों को. सालों और बनो प्रगतिशील और भला करो मनुष्यों का. आदमी को आदमी समझो बहुत... Read More...

डकार की दरकार: व्यंग्य (डॉ० कर्मानंद आर्य)

‘डकार’ पर जांच कराना टेढ़ी खीर है. जांच का शिरा हर सरकार से जुड़ता है इसलिए ‘सरकार’ इससे बच रही है. इतिहास कहता है कि एक विशाल प्रदेश का मुख्यमंत्री भी ... Read More...

एक गौभक्त से भेंट: व्यंग्य (हरिशंकर परसाई)

हरिशंकर परसाई हिंदी साहित्य जगत का एक ऐसा नाम जिसकी वज़ह से व्यंग्य को साहित्य विधा की पहचान मिली | परसाई ने सामाजिक रूप से हलके फुल्के मनोरंजन की सांस... Read More...

बेवकूफी का तमाशा : व्यंग्य, आरिफा एविस

'अरे जमूरे ! आजकल के बुद्धिजीवी और लेखक भी तो लोगों का अप्रैल फूल बनाते हैं. ऐसे मुद्दों पर लिखते और ऐसे विषयों पर चर्चा करते हैं जिसका अवाम से कुछ भी... Read More...

घंटा बुद्धिजीवी : व्यंग्य (अनीता मिश्रा )

"अगर कोई स्त्री इन्हें गलती से भी पोजिटिव रिस्पोंस दे देती है तो इनके मन में मंदिर की सामूहिक आरती के समय बजने वाले हजारों घंटे बजने लगते हैं . ये उसक... Read More...

धन कभी काला होता है क्या ? व्यंग्य (नित्यानंद गायेन)

धन कभी काला होता है क्या ?  नित्यानंद गायेन पिछले कई दिनों से मैं अपनी प्रेमिका से दूर होने के गम में एकदम देवदास बना हुआ था | ऊपर से ये बेईमान मौस... Read More...