भूमिका: सिनेमा की भाषा में: आलेख

"पिछली सदी के चालीस और पचास के दशक में मराठी मंच और फ़िल्म की प्रसिद्ध अभिनेत्री हंसा वाडेकर ने पत्रकार अनिल साधु के साथ मिल कर अपनी जीवनी लिखी। मराठी ... Read More...

‘द वीमेन ऑफ़ क्वेश्चनेबल कैरेक्टर’ “पिंक”: लेख संवाद (अभिषेक प्रकाश)

“हमारे यहां तो लडकियों को जोर से हंसने व छींकने पर भी सोचना पड़ता है। शालीनता का अपना एक सामाजिक पैमाना है। लेकिन अच्छी बात है कि स्त्री विमर्श हमारे घ... Read More...

पोखर से नदी बनने की यात्रा है …..’पार्च्ड’: (अनीता मिश्रा)

मेरे पीछे बैठे दो लड़कों में से किसी की आवाज आयी ‘बहुत सही’ । शायद उसके हिसाब जो औरत जो पति की मार का विरोध कर रही है मार खाने लायक है । परदे पर एक साम... Read More...