सिनेमाई स्त्री का विकास और इतिहास : आलेख (डॉ.यशस्विनी पाण्डेय)

परिवार और राष्ट्र की धुरी 'स्त्री' द्वारा दुनिया में लड़ी गई 'स्त्री मुक्ति और अस्मिता' की लड़ाई का इतिहास सदियों पुराना है | इन आंदोलनों के विभिन्न रूप और संदर्भों को दुनिया भर के कला, साहित्य ने न केवल खुद में ... Read More...

ओस की बूँदें: एवं अन्य कविताएँ (अर्चना कुमारी)

जैसे बीज को तोड़कर निकलता हो कोई अंकुर | 'अर्चना कुमारी' की कविताओं से गुज़रना भी कुछ ऐसी ही अनुभूति से रूबरू होना है, जब, कविता की साहित्य दृष्टि सामाजिक, आर्थिक और मानवीय रिश्तों के बीज की मज़बूत परत तोड़कर आंतरि... Read More...