‘अट्टहास’ पत्रिका का नया प्रयोग: समीक्षा (आरिफा एविस)

पिछले काफी समय से नये और पुराने व्यंग्यकारों के लेखन पर सवाल उठ रहे हैं, जिन्हें या तो सिरे से नकार दिया जा रहा है या छपास की श्रेणी में डाला दिया जाता है. अकसर हाल फ़िलहाल लिखे जा रहे व्यंग्यों को सपाट बयानी कह... Read More...