आयेंगे अमरीका से अच्छे दिन एवं अन्य कवितायें, विमल कुमार

प्रतीकों के गहरे संदर्भों के साथ गहन गंभीरता के साथ आती आधुनिक कविता में 'विमल कुमार की कवितायें एक अतरिक्त खिंचाव के साथ आती हैं | सहज सरल शब्दों में मौजूं वक्ती परिस्थितियों को व्यंग्यात्मक रचनाशीलता के साथ उ... Read More...

दो दिलचस्प उबाऊ किताबें : आलेख (उज्जवल भट्टाचार्य)

दो दिलचस्प उबाऊ किताबें  बर्लिन दीवार गिरने के बाद एक मुहावरा बन गई. अब भी इसके इस्तेमाल की कोशिश जारी है. यहां तक तो ठीक था, लेकिन पूंजीवाद की इस सनसनीख़ेज़ जीत को सैद्धांतिक आधार देना था – ऐसा आधार जिसका ... Read More...

ख़तरे में इस्लाम नहीं: एवं अन्य, ‘हबीब ज़ालिब’ की ग़ज़लें

सदियों के रूप में गुजरते समय और देशों के रूप में धरती के हर हिस्से याने दुनिया भर में लेखकों कलाकारों ने सच बयानी की कीमत न केवल शारीरिक, मानसिक संत्रास झेलकर बल्कि अपनी जान देकर भी चुकाई है .... इनकी गवाहियों ... Read More...

चौधरी ‘अमरीका’: कहानी (संदीप मील)

जबतक लेखन जैसी विधा या पद्धिति से हमारा साक्षात्कार भी नहीं हुआ था तब समाज को सांस्कृतिक रूप से बांधे रखने और रचनात्मक चेतना की संवाहक रही लोक-कथाओं को,  इस आधुनिक चकाचौंध में विलीन होते महसूस कर रहे हैं किन्तु... Read More...