‘विमल कुमार’ की तीन कविताएँ

(दंगे इंसानियत के माथे पर कलंक की तरह होते हैं और जिनोसाइड जैसी अमानवीय कृत्य से इंसानियत शर्मसार होती है. दंगो में मारे गए लोग चाहे किसी धर्म/जाति/नस्ल/लिंग  के हों बेबात मारे जाते हैं और न्याय-तंत्र सबूतों के... Read More...