चाँद के पार एक चाभी: कहानी (अवधेश प्रीत)

'अवधेश प्रीत' अपनी कहानियों में सामाजिक समस्याओं को बहुत ही मार्मिक रूप में प्रस्तुत करते हैं. उनकी कहानियों में सिर्फ विमर्श ही नहीं होता है बल्कि भूत, भविष्य के साथ-साथ वर्तमान का भी एक प्रतिरूप नज़र आता है. उ... Read More...

विकासोन्मुख गांव की जातिगत समस्या है : ‘चाँद के पार एक चाभी’ “समीक्षा”

'हमरंग' पर प्रकाशित हुई 'अवधेश प्रीत की कहानी 'चाँद के पार एक चाभी' को पढने के बाद कहानी के वर्तमान सामाजिक निहितार्थों पर एक विवेचनात्मक आलेख 'सुशील कुमार भारद्वाज' की कलम से .....| विकासोन्मुख गांव की जाति... Read More...