इंतज़ार: कहानी (सुशील कुमार भारद्वाज)

आधुनिक तकनीक के साथ बदलते सामाजिक परिवेश में निश्छल कहे जाने वाले प्रेम ने भी अपना स्वरूप बदला है | महज़ मानवीय संवेदनाओं के रथ पर सवार रहने वाला प्रेम व्यावहारिक धरातल पर उतर कर जीवन यापन के लिए जैसे रोज़ी-रोटी ... Read More...