मंडी हाउस में एक शाम: एवं अन्य कविताएँ (अंकिता पंवार)

कविता प्रेम है, प्रकृति है, सौन्दर्य है और सबसे ऊपर एक माध्यम है खुद के प्रतीक बिम्बों में समाज के धूसर यथार्थ को उकेरने का | जैसे खुद से बतियाते हुए मानस को सुनाना या मानस से बतियाते हुए खुद को सुनाना | कुछ ऐस... Read More...